निजी एम्बुलेंस संचालकों की मनमानी पर रोक लगे

रांची। रांची के रिम्स में यहॉं के प्रशासन की मिलीभगत से प्राइवेट गाड़ी को एम्बुलेन्स बनाकर चलाये जाने को लेकर रॉंची जिला महानगर कॉंग्रेस कमिटी अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन राजू राम ने कहा कि यह रिम्स में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से गरीब मरीज ईलाज कराने आते हैं, क्योंकि उनके पास ईलाज कराने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं होता है और किसी करणवश उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनकी बॉडी को उनके घर ले जाने के लिए यहां के प्राइवेट गाड़ी को एम्बुलेन्स बनाकर ग्रामीण लाचार एवं गरीब लोगों से मनमानी पैसा वसूला जाता है।  
झारखण्ड सरकार के द्वारा रिम्स को शव वाहन के नाम पर निःशुल्क सेवा हेतु एम्बुलेन्स दिया गया है जबकि 10 किमी का भाड़ा 900 रूपया, 100 किमी तक का भाड़ा 2700 रूपया एवं बुकिंग के नाम पर परिजनों से अतिरिक्त 50 रू0 और पैसा लिया जाता है एवं बुकिंग के बाहर से जाने वाली एम्बुलेन्स इससे बहुत कम भाडे़ पर शव पहुॅंचाती है। प्रतिदिन यहॉं से लगभग 40-50 एम्बुलेन्स गाड़ी रवाना होती है। सरकार के निःशुल्क दिये गये एम्बुलेन्स रहने के बावजूद इन गरीबों से मोटी रकम वसूली जाती है और इन राशि का कोई अता-पता नहीं है। 

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