पंजाब में किसानों को बड़ी राहत, अब सहकारी बैंकों में ई-स्टांप पेपर समेत मिलेंगी ये सुविधाएं

किसानों को बड़ी राहत देते हुए सहकारिता विभाग ने सहकारी बैंकों में ई-रजिस्ट्रेशन, ई-स्टांप पेपर और ई-कोर्ट फीस की सुविधाएं देने का फैसला किया है। पहले चरण में 27 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में गुरुवार को ये सुविधाएं शुरू कर दी गईं। सहकारी बैंक ने ये सुविधाएं देने के लिए स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ समझौता किया है।
इसका औपचारिक उद्घाटन सेक्टर 34 स्थित बैंक के मुख्य दफ्तर में सहकारिता मंत्री सुखजिंदर रंधावा और राजस्व मंत्री गुरप्रीत कांगड़ ने किया। रंधावा ने कहा कि 27 ब्रांचों द्वारा 32 तहसीलों में ये सुविधाएं शुरू की गई हैं। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उनके समय की बचत होगी और परेशानी से बचेंगे। किसानों को नकदी लेकर चलने से निजात मिलेगी।
बैंकों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। क्योंकि रोजाना 8-10 करोड़ रुपये के ई-स्टांप बिकने की उम्मीद है। सहकारी बैंकों की शाखाओं को अपडेट करते हुए कस्टमर फ्रेंडली बनाया जाएगा। सहकारी सभाओं की आर्थिक हालत सुधारने के भी प्रयास किए जाएंगे। कांगड़ ने कहा कि किसानों को बचाने के लिए सहकारिता लहर को मजबूत बनाना समय की मांग है।
बैंकों द्वारा ई-सेवाएं देने से ग्राहकों को कैश नहीं ले जाना पड़ेगा, झंझट से भी बचेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव विश्वजीत खन्ना ने कहा कि अब किसान बीस हजार या उससे ज्यादा रकम के ई-स्टांप सहकारी बैंकों से ले सकेंगे।
इस मौके पर पुराने ग्राहकों को ऑनलाइन ई-स्टांप जारी किए गए। ग्राहकों रवींद्र गोयल, सोमदत्त शर्मा, हर गोबिंद अग्रवाल, देवी दयाल गोयल, विवेक गोयल, सुनील भसीन को सम्मानित किया गया। समागम में विधायक परमिंदर सिंह पिंकी व कुलबीर जीरा, नाबार्ड के सीजीएम जेपीएस बिंद्रा भी मौजूद थे।
