पति की प्रताड़ना से तंग आकर नक्सली बनी थी पीसी दी

पुलिस के समक्ष सोमवार को सरेंडर करने वाली माओवादी सब जोनल कमांडर पीसी दी उर्फ प्रीशीला देवी अपने पति की प्रताड़ना से तंग आकर नक्सली बन गई थी। उसने खुद बताया कि उसका पहला पति रवींद्र देहरी उसे अक्सर प्रताड़ित करता था। पति की प्रताड़ना से तंग आकर पीसी दी ने नक्सलियों के महिला ग्रुप नारी मुक्ति संघ से जुड़ गई थी।
2007-08 में जंगल में पीसी दी की मुलाकात माओवादी हार्डकोर लीडर प्रवीर दा, ताला दा और विजय दा से हुई। तब से वह सशस्त्र दस्ता में शामिल हो गई। नक्सली नेताओं ने उसे संगठन में कई तरह की सुविधाएं देने का वादा किया था। यह दीगर है कि उसे जो कहा गया, वह नहीं मिला। वह एके 47 लेकर चलती थी। संताल परगना में 15 नक्सली कांडों में वह संलिप्त थी। अब उसका हृदय परिवर्तन हो चुका था। सोमवार को एके 47 के साथ सरेंडर के दौरान उसने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि हिंसा का रास्ता सही नहीं है। एसपी अमरजीत बलिहार की हत्या पर उसने अफसोस जताया। पीसी ने कहा कि हमलोगों को बाद में पता चला कि जिस पुलिस अफसर को मारा गया, वह पाकुड़ का एसपी अमरजीत बलिहार था। बता दें कि 2 जुलाई 2013 को जिस नक्सली दस्ता ने जमनी (काठीकुंड) में एसपी अमरजीत बलिहार सहित छह पुलिसकर्मियों की हत्या की थी, उसमें पीसी दी भी प्रमुख भूमिका में थी।
दो जोड़ों ने एक-साथ किया सरेंडर
पीसी दी अब अपने पूर्व पति रवींद्र को भूल चुकी है और सुखलाल देहरी से शादी कर चुकी है। सुखलाल देहरी ने भी सोमवार को पीसी दी के साथ सरेंडर किया। सोमवार को दो जोड़ों ने एक साथ सरेंडर किया। एक पीसी दी और उसका पति सुखलाल देहरी और दूसरा जोड़ा प्रेमशील देवी और उसका पति सिद्धो मरांडी उर्फ सिदो हेम्ब्रम।
