पलवल में कोरोना की रफ्तार होने लगी कम, स्वास्थ्य विभाग को मिली राहत

पलवल । पलवल में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आई है। जिले में जहां पहले औसतन करीब 8 से 10 मरीजों की मौत रोजाना हो रही थी। वहीं अब यह आंकड़ा 2 पर पहुंच गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद के कर्मचारियों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। अब पलवल के नागरिक अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में तैनात डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात कोरोना मरीजों के इलाज व उनकी देखरेख में लगा हुआ है। जिससे कि कोरोना के चलते किसी मरीज को अपनी जान ना गंवानी पड़ी और स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह कम से कम अपने घरो से बाहर निकले। जरूरत के समय घरो से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करे और सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखें, भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बचे और बार-बार अपने हाथो को साबुन से धोते रहे। शवों का अंतिम संस्कार कराने के लिए नगर परिषद की तरफ से नियुक्त किए गए कर्मचारी सत्य नारायण ने बताया कि एक सप्ताह पहले प्रतिदिन यहां पर करीब आठ-दस शव ऐसे आते है, जिनकी मौत कोरोना की वजह से हुई थी। लेकिन अब रोजाना यहां एक या दो ही ऐसे शव आ रहे हैं जिनकी कोरोना से मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए पार्यप्त मात्रा में सामग्री नगर परिषद की तरफ से उपलब्ध है। फिर भी कुछ परिजन संस्कार की सामग्री अपने साथ ला रहे हैं। उन्होंने कहा पहले कई-कई शव एक साथ आ जाते हैं। जिसकी वजह से शमशान घाट में जगह भी नहीं बचती थी और टीन शैड से बाहर शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ता था। लेकिन पिछले एक सप्ताह से उन्होंने थोड़ी राहत की साँस ली है।
