पावर-प्ले में मुंबई का विकेट न लेना पड़ा भारी, पोलार्ड का कैच छोड़ना टर्निंग पॉइंट; एनगिडी-ठाकुर ने 8 ओवर में 118 रन लुटाए

IPL 2021 सीजन के 27वें मैच में मुंबई इंडियंस (MI) ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 4 विकेट से हरा दिया। यह मुंबई की टारगेट चेज करते हुए सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उन्होंने 2017 में पंजाब किंग्स के खिलाफ 199 रन चेज किए थे। टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 218 रन बनाए। इसके जवाब में मुंबई ने 6 विकेट गंवाकर 219 रन बनाए और मैच जीत लिया।
मैच शुरु से उतार–चढ़ाव रहा। 10 ओवर में मुंबई 3 विकेट पर 81 रन ही बना पाई थी। उसके बावजूद चेन्नई को हार का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं वो 4 फैक्टर जिनकी वजह से चेन्नई को हार का सामना करना पड़ा।
पावर प्ले में विकेट नहीं ले पाना
टारगेट का पीछ करने उतरी मुंबई इंडियंस का पावर प्ले में चेन्नई विकेट लेने में नाकाम रही। जिसकी वजह से डिकॉक और रोहित के बीच 71 रन की पार्टनर शिप हुई। चेन्नई को पहली कामयाबी रोहित के विकेट के रूप में 7 वें ओवर में मिली। सातवें ओवर की चौथी गेंद पर शार्दूल ठाकुर ने ऋतुराज गायकवाड के हाथों कैच कराकर टीम को पहली सफलता दिलाई। रोहित ने 24 गेंदों पर 35 रन बनाए। हालांकि रोहित के आउट होने बाद मुंबई ने 10 रन के अंदर 2 और विकेट गंवा दिए और स्कोर 81 रन पर 3 विकेट हो गया।
पोलार्ड और क्रुणाल पंड्या के बीच साझेदारी
81 रन पर तीन विकेट लेने के बावजूद चेन्नई जीत नहीं सकी। उसकी एक वजह पोलार्ड और क्रुणाल पंड्या की साझेदारी को नहीं तोड़ पाना भी रहा। चौथे विकेट के लिए पोलार्ड और क्रुणाल के बीच 41 गेंदों पर 89 रन की पार्टनरशिप हुई। क्रुणाल ने 23 गेंदों पर 32 रन की पारी खेली। जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल थे। पोलार्ड ने इस सीजन की सबसे तेज फिफ्टी लगाई। उन्होंने सिर्फ 17 बॉल पर फिफ्टी पूरी की।
आखिरी 10 ओवर में चेन्नई के गेंदबाजों ने 138 रन लुटाए
चेन्नई के गेंदबाजों ने पहले 10 ओवर में 81 रन ही मुंबई को दिए, लेकिन आखिरी 10 ओवर में उन्होंने 138 रन लुटाए। शार्दूल ठाकुर और लुंगी एनगिडी काफी महंगे साबित हुए। एनगिडी ने 4 ओवर में 15.50 की इकोनॉमी रेट से 62 रन दिए और एक भी विकेट लेने में कामयाब नहीं रहे। उन्होंने आखिरी ओवर में 16 रन दिए, जिसकी वजह से मुंबई मैच जीतने में सफल रही। वहीं ठाकुर ने चार ओवर में 14 की इकोनॉमी रेट से 56 रन लुटाए। हालांकि वे एक विकेट लेने में कामयाब रहे। इसके अलावा दीपक चाहर ने 9.25 की इकोनॉमी रेट से चार ओवर में 37 रन दिए।
पोलार्ड का कैच छोड़ना भारी पड़ी
पोलार्ड का कैच छोड़ना चेन्नई को भारी पड़ी। 18वें ओवर में शार्दूल ठाकुर बॉलिंग कर रहे थे। इस ओवर की 5वीं बॉल पर पोलार्ड ने ऊंचा शॉट खेला। लॉन्ग ऑन पर खड़े फाफ डुप्लेसिस ने उनका आसान सा कैच छोड़ दिया। उस वक्त पोलार्ड 68 रन बनाकर बैटिंग कर रहे थे। पोलार्ड ने 34 गेंदों पर 87 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके और 8 छक्के लगाए। वहीं सैम करन ने 4 ओवर में 33 रन देकर 3 विकेट लिए।
