पुरूषार्थ किए बिना नहीं मिल सकता मोक्ष 

इन्दौर । भक्त वह नहीं होता, जो दुख से डरता हो बल्कि सच्चा भक्त वह होता हैं जो दुर्गति से डरता है। भक्तों में मोक्ष पाने की होड़ लगना स्वाभाविक है लेकिन हम भूल रहे हैं कि मोक्ष रास्ते में पड़ी हुआ या बाजार में बिकने के लिए तैयार कोई वस्तु नहीं है। मोक्ष प्राप्त करने के लिए अहंकार के साथ राग-द्वेष और मोह-माया का त्याग करना होगा। परमात्मा हमारी आत्मा को भवसागर से पार लगाने में समर्थ नहीं है किंतु सामने दिख रहे मोक्ष को प्राप्त करने के लिए एक कदम चलने का सामथ्र्य देने में जरूर सक्षम है। पुरूषार्थ तो हमें ही करना पड़ेगा, परमात्मा तो केवल राह दिखाते हैं।  
ये प्रेरक विचार हैं जैनाचार्य प.पू. विश्वरत्न सागर म.सा. के, जो उन्होने आज कालानी नगर स्थित महावीर स्वामी जिनालय में आयोजित धर्मसभा में व्यक्त किए। इसके पूर्व कालानी नगर चैराहे से आचार्यश्री का मंगल प्रवेश जुलूस बैंड बाजों सहित निकाला गया। जुलूस विभिन्न मार्गो से होते हुए जिनालय पहुंचा। इस दौरान मालवा भूषण राष्ट्रसंत प.पू. नवरत्नसागर म.सा. एवं जिनशासन के जयघोष से समूचा मार्ग गंूजता रहा। कालानी नगर जिनालय पहुंचने पर जुलूस धर्मसभा में बदल गया जहां आचार्यश्री के अलावा मुनिश्री उत्तम रत्नसागर म.सा., कीर्तिरत्नसागर म.सा. ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। धर्मसभा में शांतिप्रिय डोसी, पं. रत्नेश मेहता, प्रवीण श्रीश्रीमाल,नवरत्न परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतेश ओस्तवाल सहित अनेक प्रमुखजनों ने समाजबंधुओं का स्वागत किया। 
:: नए वर्ष की सौगात मिलेगी बास्केटबॉल काम्पलेक्स में :: 
नए वर्ष के शुभ अवसर पर आचार्यश्री की ओर से शहर के नागरिकों के लिए महामांगलिक एक अनूठी सौगात होगी जिसमें प्राणीमात्र के लिए आदि-व्याधि एवं जीवन के अन्य कष्टों से मुक्ति दिलाने वाले ऐसे महामंत्र हैं, जिन्हे स्वयं प.पू. नवरत्नसागर म.सा. ने 24 वर्ष पूर्व समाज के हित में समर्पित किया है। इन महामंत्रों के चमत्कारिक परिणाम अनेक स्थानों पर अनुभूत किए जा चुके हैं। अब हिंदू नववर्ष के मौके पर आचार्यश्री इंदौर में यह सौगात 6 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से आयोजित महामांगलिक अनुष्ठान में प्रदान करेंगे। श्री जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ, नवरत्न परिवार एवं सकल जैन श्रीसंघ की मेजबानी में यह बहुप्रतीक्षित आयोजन हो रहा है जिसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। 
:: आज रतनबाग में :: 
नवरत्न परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतेश ओस्तवाल ने बताया कि भारत भूषण आचार्य प.पू. नवरत्न सागर म.सा. के शिष्यरत्न प.पू. विश्वरत्न सागर म.सा. गुरूवार 4 अप्रैल को सुबह 9 से 10 बजे तक रतनबाग जैन श्रीसंघ को पावन निश्रा प्रदान करंेगे। धर्मसभा भी होगी। शुक्रवार 5 अप्रैल को रेसकोर्स रोड एवं  6 अप्रैल को बाॅस्केटबाॅल काम्पलेक्स में महामांगलिक तथा रविवार 7 अप्रैल को गुमाश्ता नगर में धर्मसभाओं में अपने प्रवचनों की अमृत वर्षा करंेगे। 

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