फुटपाथ पर नहीं लगा सकेगे दुकान, सचिवालय और कलेक्टरेट कार्यालयों पर भी नहीं लगा सकेंगे दुकान

भोपाल।राज्य सरकार ने प्रदेश के शहरी पथ विक्रेताओं के लिये नई स्कीम जारी कर दी। इस नई स्कीम के तहत अब फुटपाथ पर कोई दुकान नहीं लग सकेगी। इसके अलावा, राज्य सचिवालय, जिला कलेक्टरेट, जिला पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद एवं केन्टोनमेंट बोर्ड के कार्यालयों तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पुरातात्विक स्थलों के दो सौ मीटर क्षेत्र, क्रासिंग के दो या अधिक और पचास मीटर का क्षेत्र तथा नगरीय निकाय द्वारा घोषित विरासत संरचना के पास कोई दुकान नहीं खुल सकेगी।
नई स्कीम के तहत प्रत्येक विक्रेता/हॉकर को अधिकतम 2 वर्गमीटर क्षेत्र का विक्रय क्षेत्र प्रदान किया जायेगा। स्टालों/हाथ ठेला के सामने 1 मीटर/2 मीटर की चौड़ाई का मार्ग उपभोक्ताओं को खड़े होने एवं सामान खरीदने के लिये आरक्षित किया जायेगा। यदि किसी कारण से पथ विक्रेताओं को हटाया जाना है तो उन्हें तीस दिन पहले सूचित किया जायेगा और उनका अन्यत्र स्थल पर पुनर्वास किया जायेगा। 
ऑनलाईन आवेदन करना होगा :
पथ विक्रेताओं को लायसेंस प्राप्त करने के लिये अब ऑनलाईन आवेदन करना होगा तथा आवेदन करने के तीस दिनों के अंदर उसे लायसेंस दिया जायेगा। लायसेंस पांच साल के लिये मिलेगा तथा पांच साल के बाद पुन: तीन साल के लिये लायसेंस दिया जायेगा। पथ विक्रेताओं से विक्रय शुल्क भी लिया जा सकेगा। 18 साल से कम आयु के व्यक्ति को लायसेंस नहीं दिया जायेगा। एक व्यक्ति को केवल एक स्थान के लिये लायसेंस दिया जायेगा। लायसेंस को किसी के पट्टे पर या किराये पर अथवा बेचा जा नहीं सकेगा। नगर विक्रय समिति हर तीन साल में पथ विक्रेताओं का सर्वे करेगी और उसका डाटा रखेगी। पथ विक्रेताओं के व्यवसाय बढ़ाने योजना भी तैयार की जायेगी। उत्सव बाजार, विरासत बाजार, प्राकृतिक बाजार, रात्रि बाजार चिन्हित किये जायेंगे। 
विभागीय अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2012 में पथ विक्रेताओं का सर्वे हुआ था और पांच साल के लिये लायसेंस दिये गये थे। इस बीच केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में पथ विक्रेता जरविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन अधिनियम लागू किया। नये सर्वे करने एवं लायसेंस देने के लिये यह नई स्कीम जारी की गई है। केंद्र सरकार कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाऊन में अपना व्यवसाय प्रारंभ न करने वाले  पथ विक्रेताओं को दस हजार रुपये की मदद देने भी जा रही है।
 

 

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