बंकर में छिपना पड़ा डोनाल्ड ट्रंप को

वॉशिंगटन। जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अश्वेतों का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। अमेरिका के 30 शहर हिंसा की आग में झुलस रहे हैं। इसकी आंच रविवार को व्हाइट हाउस तक पहुंच गई। राजधानी वाशिंगटन में मामला इतना बिगड़ गया कि मेयर ने रात को 11 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू का ऐलान कर दिया। वहीं, व्हाइट हाउस के पास लगातार तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा।
व्हाइट हाउस के पास प्रदर्शन कर रही भीड़ ने एक कूड़ेदान में आग लगा दी और पुलिस से धक्कामुक्की भी की। मामला इतना बिगड़ गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के एजेंट उन्हें व्हाइट हाउस में बने सुरक्षात्मक बंकर में लेकर चले गए। हालांकि मौके पर पहुंची वॉशिंगटन पुलिस ने व्हाइट हाउस के आसपास से उपद्रवियों को खदेड़ दिया।रविवार को भी व्हाइट हाउस के पास बिगड़े हालात के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक निवास पास प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए सीक्रेट सर्विस एजेंट्स को रॉयट गियर (दंगारोधी पोशाक) पहनना पड़ा था। बता दें कि अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का वीडियो वायरल होने के बाद से ही अमेरिका के कई शहरों में शुक्रवार से हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी है। इनमें से कुछ प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलग-अलग शहरों में जारी हिंसा के लिए देश के वामपंथ को जिम्मेदार ठहराया है। दंगाई निर्दोष लोगों को डरा रहे हैं, नौकरियों को नष्ट कर रहे हैं, बिजनेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं और बिल्डिंग्स को जला रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि जॉर्ज फ्लॉयड की याद को दंगाइयों, लुटेरों और अराजकतावादियों ने बदनाम किया है। ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा कि नेशनल गार्ड को मिनियापोलिस में हालात को काबू में करने के लिए उतार दिया गया है जो डेमोक्रेटिक पार्टी के मेयर नहीं कर सके। इनका दो दिन पहले ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अब कोई और नुकसान नहीं होगा।

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