बजट 2020 से पहले होगी आरबीआई बोर्ड की बैठक, उठ सकता है अंतरिम लाभांश का मुद्दा
नई दिल्ली,रिजर्व बैंक के बोर्ड आॅफ डायरेक्टर्स की अगली बैठक में अंतरिम लाभांश के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों ने यह उम्मीद जताई है। सरकार ने जारी वित्त वर्ष (2019-20) के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.3 फीसदी रखा है और इसपर खरा उतरने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार रिजर्व बैंक से 45 हजार करोड़ रुपए ले सकती है।
विकास की दर दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में घटकर 6 सालों के न्यूनतम स्तर 4.5 फीसदी पर पहुंच गई है। सरकार के अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में जीडीपी की विकास दर करीब 11 साल के निचले स्तर पांच फीसदी पर रह सकती है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में यह 6.8 फीसदी रही थी। ऐसे में विकास की गाड़ी को रफ्तार देने के लिए सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है, जिसकी वजह से वित्तीय स्थिति दबाव में है।
सूत्रों ने बताया कि चालू वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले रिजर्व बैंक निदेशक मंडल की कम से कम एक बैठक होगी। समझा जाता है कि इसमें सरकार की ओर से मनोनीत निदेशकों द्वारा अंतरिम लाभांश का मुद्दा उठाया जा सकता है। हालांकि, आरबीआई निदेशक मंडल की बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तय परंपरा के तहत निदेशक मंडल को संबोधित करते हुए बजट दृष्टिकोण के बारे में बताएंगी।
परंपरागत रूप से हर साल बजट से कुछ दिन पहले यह बैठक होती है। सूत्रों ने कहा कि यह काफी खास साल रहा है। इस दौरान कई असाधारण उपाय किए गए। मसलन बजट के बाद अलग कदम उठाते हुये कॉर्पोरेट कर की दर में बड़ी कटौती की गई जिससे सरकार की वित्तीय स्थिति दबाव में आ गई। रिजर्व बैंक निदेशक मंडल छह माह के प्रदर्शन के आधार पर यदि अंतरिम लाभांश देने पर सहमत हो जाता है तो इससे सरकार को कुछ वित्तीय राहत मिल सकती है।
रिजर्व बैंक जुलाई से जून के वित्त वर्ष के मुताबिक हिसाब किताब करता है। सरकार इससे पहले भी रिजर्व बैंक से अंतरिम लाभांश लेती रही है। पिछले वित्त वर्ष में केन्द्रीय बैंक ने सरकार को 28,000 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश दिया। इससे पहले 2017- 18 में सरकार को दस हजार करोड़ रुपए अंतरिम लाभांश के तौर पर रिजर्व बैंक से मिले।
रिजर्व बैंक ने पिछले साल अगस्त में सरकार को 1,76,051 करोड़ रुपए दिये हैं। इसमें 2018- 19 का 1,23,414 करोड़ रुपए की सरप्लस राशि और संशोधित आर्थिक पूंजी रूपरेखा के तहत पहचान की गई 52,637 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि शामिल है। वर्ष 2018- 19 की 1,23,414 करोड़ रुपए की सरप्लस राशि में से रिजर्व बैंक पहले ही 28,000 करोड़ रुपए अंतरिम लाभांश के तौर पर जारी कर चुका है।
