बवाना अग्निकांड की खौफनाक कहानी, आंखों के सामने जिंदा जल गए 3 भाई

बवाना अग्निकांड में तीन भाइयों ने भी जान गंवा दी. इन तीनों भाइयों ने कुछ दिन पहले ही नई नौकरी के साथ जिंदगी की नई शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यही नौकरी एक दिन उनकी मौत बनकर आएगी.
बता दें कि अग्निकांड में जान गंवाने वाले रोहित, संजीत और सूरज कजिन भाई थे. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के रहने वाले रोहित व संजीत रिश्ते में चचेरे भाई हैं. जबकि मृतक सूरज, रोहित के मौसेरे भाई हैं.
ये तीनों अपने बड़े भाई रूप प्रकाश के कहने पर पटाखे की पैकिंग के लिए आए थे. जिसमें इन्हें ओवरटाइम का पैसा भी मिल रहा था. रूप प्रकाश भी इसी फैक्ट्री में काम करते थे.
हादसे के वक्त रूप प्रकाश ने फैक्ट्री की छत से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन उनका पैर टूट गया. रूप प्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपने छोटे भाई रोहित समेत अन्य दोनों भाइयों को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब कोशिशें बेकार हो गईं तो उन्होंने छत से कूदकर अपनी जान बचाई.
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री से कामगार बाहर न आ सकें इसलिए मालिक ने फैक्ट्री के गेट में ताला भी लगा दिया था, जिसके चलते जब आग लगी तो लोगों को बाहर नहीं निकल पाए.
रविवार को अंबेडकर अस्पताल में रोहित, संजीत व सूरज के शवों के पोस्टमार्टम होने के बाद उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए. परिजन शवों को अंतिम संस्कार के लिए उन्नाव लेकर चले गए.
