बिना बिल दिए खाने के पैसे लिए, तो मजिस्ट्रेट ने ट्रेन में वापस करवाए 70 यात्रियों के 10 हजार रुपए

सूरत. पश्चिम एक्सप्रेस में पेंट्री वालों ने शनिवार को बिना बिल दिए खाने के पैसे लिए तो रेलवे के मजिस्ट्रेट अरुण सोनी ने 70 यात्रियों के 10,500 रुपए वापस करवा दिए। पेंट्री के मैनेजर के खिलाफ ओवर चार्जिंग के तीन मामले दर्ज करवाए।
ट्रेन में मोबाइल कोर्ट अभियान
ट्रेन में मोबाइल कोर्ट अभियान चल रहा था। सूरत से वलसाड तक ट्रेन में जांच के दौरान यात्रियों से जब पूछा गया कि उन्होंने पेंट्री से जो खानपान की वस्तुएं ली हैं, उनके बिल दिए गए हैं या नहीं? यात्रियों ने जब बताया कि उन्हें बिल नहीं दिए गए हैं तो मजिस्ट्रेट ने पेंट्री कार मैनेजर को बुलाया और सभी के पैसे वापस करा दिए। इनमें से कई यात्रियों के 150 रुपए की थाली के पैसे और अन्य सामग्रियों के पैसे थे। रेलवे मजिस्ट्रेट अरुण सोनी को यात्रियों ने बिल नहीं देने के अलावा पेंट्री वालों के खिलाफ तीन ओवर चार्जिंग के मामले भी बताए। इस पर उन्होंने पेंट्री मैनेजर के खिलाफ ओवर चार्जिंग के तीन मामले बनाए और रिपोर्ट आईआरसीटीसी को भेज दी। आईआरसीटीसी की तरफ से मजिस्ट्रेट को बताया गया कि पेंट्री के मैनेजर के खिलाफ जल्द ही एक्शन लिया जाएगा। मोबाइल कोर्ट लगातार चलाया जाएगा।
अभियान: वलसाड से मुंबई के बीच ट्रेन में ही की कार्रवाई
मोबाइल कोर्ट अभियान के तहत सूरत रेलवे मजिस्ट्रेट अरुण सोनी और सीटीआई अमीन मिर्जा 20 सदस्यीय टीम के साथ शनिवार को पश्चिम एक्सप्रेस में गए थे। वलसाड से मुंबई के बीच एसी और स्लीपर कोच में यात्रियों से खरीदी गई खाद्य वस्तुओ के बिल दिखाने को कहा। यात्रियों ने बताया कि पेंट्री वालों ने उन्हें बिल नहीं दिया है। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने यात्रियों से पूछा कि उनसे कितने पैसे लिए गए? पेंट्री के मैनेजर को बुलाया और एक-एक कर 70 यात्रियों के 10,500 रुपए वापस दिलवाए।
टीसी के खिलाफ भी दर्ज कराया था मामला
मजिस्ट्रेट अरुण सोनी ने 2 जून को पश्चिम एक्सप्रेस में स्लीपर कोच में बैठे जनरल टिकट वाले यात्रियों की जांच की थी। पता चला था कि टीसी ने 100 रुपए लेकर कई यात्रियों को आरक्षित कोच में सीटें दी हैं। मजिस्ट्रेट ने यात्रियों से लिखित बयान लिया और टीसी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। हालांकि वह टीसी ट्रेन में नहीं मिला। टीसी रतलाम डिवीजन का था। इसकी शिकायत पश्चिम रेलवे के मुख्यालय को दे दी गई है।
