बिना युद्ध के सेना हर साल खो रही 1,600 जवान, जंग नहीं ये हैं मौत के बड़े कारण

किसी देश से सीधा युद्ध ना होने के बावजूद भारतीय सेना (जल, थल, वायु) हर साल अपने 1,600 जवान खो रही है। अगर आप सोच रहे हैं कि यह आंकड़ा पाकिस्तान द्वारा होने वाली घुसपैठ और सीजफायर उल्लंघन को रोकने में शहीद हो रहे जवानों की वजह से ज्यादा है तो आप गलत हैं। असल में सड़क हादसों और सुसाइड की वजह से यह आंकड़ा इतना बढ़ गया है।हादसों में सेना (थल, जल, वायु) के 350 जवानों ने जान गंवाई। वहीं 120 ने सुसाइड किया। इसके अलावा ट्रेनिंग के दौरान होने वाली दुर्घटना, स्वास्थय संबंधी दिक्कत भी जान जाने की बड़ी वजह हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, आर्मी, नेवी और इंडियन एयर फोर्स ने 2014 से अबतक 6,500 कर्मियों को खोया है। सीनियर अधिकारी मानते हैं कि जवान मानसिक तौर पर परेशान रहते हैं जिसकी वजह से वे सुसाइड जैसा कदम उठाते हैं, इसको रोकने के लिए तरह-तरह के कई प्रयास किए जाने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन अबतक कोई ठोस कामयाबी मिलती नहीं दिख रही।
