ब्रेस्ट कैंसर से लड़ते नक्सल इलाके में 11 सालों से कर रहीं ये काम, मिला CM भूपेश बघेल से सम्मान

सुकमा (Sukma) के कुन्ना इलाके में कार्यरत एक एएनएम (ANM) कार्यकर्ता पुष्पा तिग्गा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  (CM Bhupesh Baghel) ने सम्मानित किया है. नक्सल क्षेत्र (Naxal Area) में बेहतर कार्य करने पर उन्हे ये सम्मानित मिला. बता दें कि राजधानी रायपुर में आयोजित कायाकल्प 2018-2019 कार्यक्रम में सीएम बघेल ने पुष्पा तिग्गा को सम्मानित किया है.  एएनएम कार्यकर्ता पुष्पा तिग्गा पिछले 12 सालों से नक्सल प्रभावित क्षेत्र कुन्ना में काम कर रही है. वे खुद एक साल से ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) से जूझ रही हैं. बावजूद इसके वे लोगों को अपनी सेवाएं दे रही है. मालूम हो कि कुन्ना ऐसा इलाका है जहां हर साल कोई न कोई बीमारी महामारी का रूप ले ही लेती है. पुष्पा की बीमारी के कारण विभाग ने उनका ट्रांसफर (Transfer) भी करना चाहा, लेकिन उन्होने मना कर दिया. इस स्वास्थ्य कार्यकर्ता को गांव वाले भी जाने नहीं देना चाहते. बीमार होने के बावजूद आज भी वे अपनी सेवाएं दे रही हैं. बतातें है कि ये नर्स अभी तक 50 डिलवरी भी करवा चुकी हैं. पुष्पा तिग्गा को छत्तीसगढ़ की फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale of Chhattisgarh) कहना शायद गलत नहीं होगा.

नक्सली इलाके में दे रही है अपनी सेवाएं

बता दें कि पुष्पा तिग्गा जशपुर (Jashpur) की रहने वाली हैं. लेकिन 2007 में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजिका के रूप में सुकमा जिले के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित डब्बा इलाके में इनकी ड्यूटी लगी. अब 23 साल बाद भी पुष्पा कुन्ना में अपनी सेवााऐं दे रही हैं.
पुष्पा बताती हैं कि एक साल पहले अचानक सीने में दर्द उठा. काफी दिनों से मलहम के सहारे रही. लेकिन फिर बीएमओ ने जबरन मुझे जिला अस्पताल भेजा. इलाज के बाद रायपुर रेफर कर दिया गया. यहां ब्रेस्ट कैंसर बताया गया, जिसके बाद इसका इलाज चला है. पिछले 7 महिने से वापस अपनी ड्यूटी कर रही हूं.
'आज भी साइकिल से ही करती हूं आना-जाना'

पुष्पा तिग्गा बताती हैं कि जब उन्होने ड्यूटी ज्वाइन किया था तब कुन्ना इलाके की हालात बहुत खराब थी. सिर पर टीके का डब्बा और दवाई रखकर 10 किमी. पैदल पहाड़ी चढ़कर जाना पड़ता था. वैसे ही यहां से बस पकड़ने या दवाई लाने 16 किमी. साइकिल से जाना पड़ता था. आज भी कुकानार साइकिल पर ही आना जाना करती हूं. मुझे यहां काफी अच्छा लगता है. पुष्पा कहती हैं कि कुन्ना के लोग मेरे लिए काफी मायने रखते है. कई बार तबियत खराब होने के कारण मेरा ट्रांसफर करने की बात कही गई, लेकिन मैंने मना कर दिया.
 

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