भरतपुर शराब दुखान्तिका: 3 और लोगों ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या हुई 7, प्रशासन ने साधी चुप्पी

भरतपुर. जिले के रूपवास इलाके में जहरीली शराब (Poisonous liquor) ने सात घरों के चिराग बुझा दिये हैं. जहरीली शराब का सेवन करने वाले तीन और लोगों की मौत (Death) हो गई है. इसके साथ अब मृतकों की संख्या सात पर जा पहुंची है. वहीं इस शराब का सेवन करने वाले अन्य 2 लोगों की हालत भी गंभीर बनी हुई है. इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासन चुप्पी साधे हुये है और उसने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है.
रूपवास इलाके के चक सामरी गांव में जहरीली शराब पीने से बुधवार को चार लोगों की मौत हो गई थी. पांच लोग गंभीर रूप से बीमार हो गये थे. इन पांचों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था. वहां बुधवार देर रात से लेकर गुरुवार को तड़के तक तीन और लोगों की मौत हो गई. अभी दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. एक ही गांव के सात लोगों की मौत होने के बाद चक सामरी में मातम पसरा हुआ है.
जहरीली शराब पीने वालों की आंखों की रोशनी चली गई
चक सामरी गांव में बुधवार को दोपहर में जहरीली शराब का सेवन करने वाले लोगों को उसके कुछ देर बाद ही उल्टियां होने लगी और सिर चकराने लगा था. उसके बाद चार की मौत हो गई थी. शेष पांच की हालत बिगड़ने के साथ ही उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी. उनमें से तीन और पीड़ितों ने दम तोड़ दिया है. पुलिस ने इस मामले में नकली शराब बेचने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं रूपवास क्षेत्र के आसपास के 16 शराब के ठेकों और गोदामों को सील कर दिया गया है. इसके साथ ही शराब के सेम्पल जांच के लिए जयपुर भेजे गये हैं.
प्रभारी मंत्री बोले अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी
कलक्टर नथमल डिडेल का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. वहीं राज्य सरकार के मुख्य सचेतक एवं जिला के प्रभारी मंत्री डॉ. महेश जोशी ने कहा कि किसी भी सूरत में अवैध रूप से नकली शराब नहीं बेचने दी जाएगी. अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने शराब दुखान्तिका पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि 9 लोग प्रभावित हुए हैं. जहरीली शराब बिकने से रोकने के लिये हरसंभव प्रयास किये जायेंगे.
