भाजपा में बैठकें कर बन रहा प्लान
भोपाल । आगामी बजट सत्र के दौरान कमलनाथ सरकार को घेरने के लिए भाजपा ने नई रणनीति तैयार की है। इस रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश में भाजपा के आला नेताओं की ताबड़तोड़ बैठकों का दौर जारी हो चुका है। इसी कड़ी में सोमवार को प्रदेश कार्यालय में संभागवार बैठकें हुई। सूत्र बताते हैं कि बैठक में विधायकों से राय मांगी गई की बजट सत्र के दौरान सरकार को किस तरह घेरा जाय। साथ ही विधायकों से कहा गया कि वे सत्र के दौरान वे पूरे समय सदन में रहे।
इस बैठक में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत सहित भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग के विधायक शामिल हुए। बैइक की की शुरुआत भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विधायकों के साथ हुई। इसके बाद इंदौर एवं उज्जैन संभाग, फिर ग्वालियर, चंबल संभाग के विधायकों की बैठक हुई।
-एकजुटता का दिया संदेश
सूत्र बताते हैं कि भाजपा इस बात को लेकर पुख्ता होना चाहती है कि यदि फ्लोर टेस्ट की स्थिति बनती है तो पिछली बार की तरह विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल जैसे नए नाम सामने न आएं। कई विधायकों की ओर से पिछले दिनों संगठन के कामकाज पर भी सवाल उठाए गए थे। संभागवार विधायकों की बैठक में तमाम पदाधिकारियों ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की। इस एक जुटता को विधानसभा उपचुनावों, राज्यसभा चुनाव, बजट सत्र में दिखाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सत्र में विधायकों की समस्या और क्षेत्रीय समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
-सरकार पर लगाए आरोप
विधायकों की संभागवार बैठकों पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कांग्रेस सरकार के राज में विधायकों का अपमान हो रहा है। आलम यह है कि सरकारी कार्यक्रमों में भाजपा के विधायकों को न ही बुलाया जा रहा है और न ही निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में जिन मुद्दों को विपक्ष उठायेगा, उस पर विधायकों की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। गोपाल भार्गव ने कहा कि सभी विधायक एक जुट हैं और चट्टान की तरह विधायक दल के साथ खड़े हैं। इस बैठक में विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल ने भी हिस्सा लिया है।
-अब तक नहीं पूरे हुए वादे
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अभी तक किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है। बेरोजगारों को भत्ता नहीं मिला और कन्या दान विवाह योजना की राशि भी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कन्या दान योजना की राशि नहीं मिलने के कारण कई महिलाओं के तलाक हो गए हैं और कई महिलाओं को अपना घर छोडऩे के लिए मजबूर होना पड़ा। इतना ही नहीं, ओला वृष्टि से फसल बर्बाद हो गई, किसान परेशान हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है
-जौरा-आगर उपचुनाव की भी तैयारी
बैठक में जौरा और आगर के उपचुनाव पर भी बात हुई। भाजपा के प्रदेश के नेताओं ने तय किया कि इन सीटों के कार्यक्रम भी समानांतर चलें। लिहाजा, आगामी 4 मार्च को आगर-मालवा में कार्यकर्ता सम्मेलन रखा गया है। इसके बाद मुरैना की जौरा सीट का भी कार्यक्रम होगा।
भाजपा अध्यक्ष का कांग्रेस पर हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मुरैना और भिंड के 100 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि के कारण फसलें बर्बाद हुई हैं। राज्य सरकार का एक भी मंत्री या जिम्मेदार व्यक्ति अभी तक किसानों के बीच नहीं पहुंचा है। हमारी मांग है कि प्रभावितों को 100 प्रतिशत मुआवजा दिया जाए। जौरा, कैलारस, सुमावली, दिमनी, मुरैना और भिंड के कई क्षेत्रों में 70 फीसदी तक फसलें नष्ट हो गई हैं। सरकार इसे छिपाने की कोशिश कर रही है।
