भारतीयों में पैर पसार रहा है अवसाद, 13 प्रतिशत को है समस्या

समाज मे एकाकीपन और आर्थिक विषमताओं के साथ जटिल आधुनिक जीवन शैली के कारण भारत में मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. एक अध्ययन के अनुसार करीब 13 प्रतिशत भारतीय किसी न किसी मानसिक बीमारी का सामना करते हैं. शुक्रवार को मुंबई में वॉकहार्ट फाउंडेशन द्वारा मेंटल हेल्थ और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की भूमिका पर एक चर्चा में कहा गया कि हमें भारत में बढ़ती मानसिक बीमारी को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है.

मानसिक स्वास्थ्य के वर्तमान भारतीय परिदृश्य और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सम्मेलन के मुख्य वक्ताओं में नीरजा बिड़ला (आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट की पहल एमपावर की प्रमुख और डॉ. हुजैफा खोराकवाला (संस्थापक वॉकहार्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष) शामिल थे.

मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा

इस सम्मेलन में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर चर्चा की गई. नीरजा बिरला ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को परंपरागत रूप से अनदेखा किया गया है या छुपा दिया जाता है. एक तरफ जागरूकता और शिक्षा की कमी के कारण, और दूसरी तरफ इससे जुड़ी बदनामी और भेदभाव के कारण. मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे ज्यादा जरुरत अब महसूस हो रही है.'

बड़ी आबादी मानसिक रूप से पीड़ित

डॉ हुजैफा खोराकवाला ने कहा, 'भारत में सबसे बड़ी आबादी मानसिक रूप से पीड़ित है. हर पांच में से एक भारतीय किसी न किसी मानसिक बीमारी को अपने जीवन मे देखता है. इसमें अवसाद सबसे अहम है. भारत में 15 से 29 साल के आयु वाले लोगों में अवसाद के कारण आत्महत्या एक प्रमुख कारण है. हमें अब जागना चाहिए और तुरंत कदम उठाना चाहिए.

भारत में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कुछ प्रासंगिक तथ्य

1) मानसिक बीमारियों की व्यापकता, जैसे कि मूड डिसऑर्डर, महिलाओं (7.5%) की तुलना में पुरुषों (13.9%) में अधिक है.

2) 18 साल से ऊपर की 22.4% आबादी पदार्थ उपयोग विकार, प्रमुख रूप से तंबाकू और शराब से पीड़ित है.

3) महिलाओं (0.5%) की तुलना में पुरुषों (9%) में शराब का उपयोग अधिक पाया जाता है.

4) लगभग 1% आबादी उच्च आत्महत्या की प्रवृत्ति की रिपोर्ट करती है.

5) सबसे आम अवसाद होने के साथ किशोरों (13 से 17 वर्ष) के बीच मानसिक बीमारी की व्यापकता 7.3% है.

6) मानसिक विकारों के लिए उपचार की खाई विभिन्न विकारों में 70% से 92% के बीच होती है

7) भारत में 150 मिलियन लोग मानसिक बीमारी से प्रभावित हैं, लेकिन इनमें से केवल 10-12% लोग ही मदद मांगेंगे.

8) आत्महत्या भारत में 15 से 29 वर्ष की आयु के लोगों में मृत्यु का प्रमुख कारण है.
 

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