भारत हथियार भेजने में लगे कई आतंकी संगठन, निशाने पर पंजाब, 370 हटने के बाद बढ़ी तस्करी

पंजाब पुलिस ने भारत-पाक सीमा के पास से बरामद किए गए ड्रोनों के जरिये हथियार पहुंचाने के मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीमें पाकिस्तान से इन ड्रोनों को भेजने में शामिल आतंकी समूहों के लिंक का पता लगाने का भी काम कर रही हैं।
अब तक की जांच से पता चलता है कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पाक आधारित कई आतंकवादी समूह अगस्त से भारत में हथियारों की तस्करी में लगे हुए हैं। बरामद किए गए ड्रोन पाक में बैठे खालिस्तानी आतंकवादी के अलग-अलग समूहों द्वारा भेजे गए थे। वे पंजाब में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अगस्त से अब तक पुलिस को दो ड्रोन मिले हैं। तीसरे की शुक्रवार को मिलने की मीडिया रिपोर्ट है। पहला ड्रोन अमृतसर के महावा में 13 अगस्त को मिला था। इस ड्रोन की बरामदगी पुलिस ने एक गुमनाम कॉल के बाद की थी जिसमें कहा गया था कि महावा के गांव में एक किसान के खेतों में ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई है। जांच में पाया गया कि इस ड्रोन का मॉडल यू 10 केवी 100-यू था और इसे एक चीनी कंपनी टी-मोटर्स द्वारा बनाया गया था।
हेक्साकॉप्टर में चार ईंट के आकार की बैटरी भी लगाई गई थी। पूछताछ में पता चला कि इस तरह के हेक्साकॉप्टर (6 इलेक्ट्रिक मोटर्स) में 21 किलोग्राम की पेलोड क्षमता है और जो व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। इस हेक्साकॉप्टर का वजन लगभग 20-25 किलोग्राम था और इसके एक पोर्ट और मोटर प्रोपेलर को मामूली नुकसान पहुंचा था जो शायद क्रैश लैंडिंग के कारण था। ड्रोन में सफेद नायलॉन की रस्सी के टुकड़े भी बंधे बंधे मिले थे।
प्रवक्ता ने बताया कि इस ड्रोन की बरामदगी के बाद शुरू की गई कड़ी चौकसी के चलते पुलिस ने आकाशदीप सिंह, बाबा बलवंत सिंह, हरभान सिंह और बलबीर सिंह उर्फ बिंदा को गिरफ्तार किया। इसके बाद शुभदीप सिंह को हथियारों की एक बड़ी खेप का निपटारा करने के मामले में गिरफ्तार किया गया। इन लोगों से पूछताछ के तीन दिन बाद तरनतारन में दूसरे आधे जले हुए ड्रोन की बरामदगी हुई।
आकाशदीप ने खुलासा किया कि सितंबर की शुरुआत के आसपास आधे जले हुए ड्रोन पर दो 9 एमएम पिस्तौल की तस्करी की गई थी। सीमा के पास हथियार छोड़ने के बाद पाकिस्तान वापस उड़ान भरने से पहले ही यह ड्रोन भारतीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
नाली में फेंक दिया था अधजले ड्रोन का फ्रेम
प्रवक्ता ने खुलासा किया कि पाकिस्तान स्थित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के प्रमुख रणजीत सिंह उर्फ नीटा और उसके सहयोगी गुरमीत बग्गा ने आकाशदीप और उसके साथियों को ड्रोन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना दी थी। उन्होंने आकाशदीप को ड्रोन को नष्ट करने का निर्देश भी दिया ताकि पुलिस को इसके बारे में पता न चले। इसके बाद आकाशदीप और उनके सहयोगियों ने ड्रोन को जला दिया और एक नाली में ड्रोन के स्टील फ्रेम का फेंक दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा
प्रवक्ता ने बताया कि संबंधित एजेंसियों द्वारा विस्तृत तकनीकी जांच के लिए केंद्र सरकार के साथ ड्रोन का ब्योरा तुरंत साझा किया गया था। राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय तक इस बड़े आकार के ड्रोन के आवागमन पर चिंता व्यक्त की है। केंद्र से यह भी कहा गया है कि खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों द्वारा ऐसी क्षमता और कौशल हासिल कर लेना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
