भोपाल एम्स: 15 दिन में नसों का ब्लॉकेज खोलने की सुविधा

भोपाल। एम्स भोपाल में 15 दिन के भीतर नसों का ब्लॉकेज खोलने की सुविधा शुरू हो जाएगी। अस्पताल में डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) मशीन लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुछ दिन तक परीक्षण के बाद सुविधा मिलने लगेगी। डीएसए मशीन से शरीर के किसी भी अंग की नसों में होने वाले ब्लॉकेज का पता किया जा सकता है।
ब्लॉकेज को खोलने का काम भी इस मशीन से किया जाएगा। एम्स के डॉक्टरों ने बताया आम लोगों को लगता है कि ब्लॉकेज सिर्फ दिल में होता है, पर ऐसा नहीं है। किसी अंग की आरटरी (साफ खून की नस) और वेन (गंदे खून की नस) में भी ब्लॉकेज हो सकता है। आम लोगों में जागरूकता नहीं होने से शुरू में कई लोगों को ब्लॉकेज पता नहीं चल पाता।
इस वजह से शरीर के जब अहम अंगों पर इसका असर होने लगता है तब वे डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। निजी अस्पतालों में जांच व इलाज का खर्च 15 हजार रुपए से लेकर 60 हजार रुपए तक है। एम्स में तीन हजार के भीतर इलाज हो जाएगा।
मरीजों को फायदा होगा
डीएसए मशीन लगाने का काम शुरू हो गया है। हफ्ते भर में मशीन लग जाएगी। यह अत्याधुनिक मशीन है, जिससे मरीजों को काफी फायदा मिलेगा – डॉ. मनीषा श्रीवास्तव, अधीक्षक एम्स भोपाल
