भोपाल में रातभर बारिश ने बिगाड़े हालात, घरों में घुसा पानी

भोपाल । मानसून पूरे देश में सक्रिय हो गया है। मुंबई से लेकर पूर्वोत्तर भारत के ज्यादातर इलाके पानी-पानी हो गए हैं। मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। शनिवार से मप्र में सक्रिय हुए मानसून के बाद प्रदेश के 26 जिले तेज बारिश से तर हो गए। भोपाल में शनिवार सुबह ही 8:30 बजे से रात 11:30 बजे तक 64.6 मिमी बारिश हुई। इस सीजन में दूसरी बार एक दिन में (3 जुलाई को 118 मिमी) इतनी बारिश हुई। देर रात कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि सबसे ज्यादा 215 मिमी बारिश मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ और 140 मिमी कयामपुर में दर्ज की गई। मल्हारगढ़ में एक दिन ही में एक महीने का पानी बरस गया। यहां एक महीने में औसत 826.5 मिमी बारिश होती है। इस मान से वहां एक दिन में 6.8 मिमी बारिश होना चाहिए। वहां एक दिन में ही 215 मिमी बारिश हो गई। इस मान से वहां 31 दिन में इतनी बारिश होना चाहिए।
कोलांस नदी की धार भी नहीं बनी
बड़े तालाब को भरने वाली कोलांस नदी में भी धार नहीं बन सकी। विशेषज्ञ एवं पीएचई के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर सुनील श्रीवास्तव का कहना है कि भोपाल और सीहोर में इसके कैचमेंट एरिया में इससे पांच गुना ज्यादा पानी बरसता तो जल स्तर बढ़ता।
कहां-कितनी बारिश
रायसेन- 43.0
टीकमगढ़- 28.0
होशंगाबाद- 15.0
उज्जैन- 19.0
पचमढ़ी- 22.0
सागर, खरगोन- 2.0
सतना- 0.4
बैतूल-0.6
इंदौर- 0.2
ग्वालियर- 0.8
गुना- 4.0
(आंकड़े मिलीमीटर में)
