मंत्री बोलीं – जिस प्रकार से मरीजों की बाढ़ आ रही, उसे देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाना जरूरी,

इंदौर जनता कर्फ्यू बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि जब तक कोरोना की चेन नहीं टूटेगी। हमें कोरोना से निजात नहीं मिलेगी। प्रशासन सख्ती कर रहा है, लोग भी जागरूक हैं। लेकिन कुछ लोग अभी भी नादानी कर रहे रहे हैं। शादी में जरूरत से ज्यादा लोग जमा हो रहे हैं। गमी में लोग पहुंचते हैं। इसके बाद जो संक्रमण फैलता है, उस हिसाब से साधन तो सीमित हैं। जैसे अस्पताल में 500 बिस्तर हैं तो उसे बढ़ाकर 50000 तो नहीं किया जा सकता। इसलिए हम 5000 को संक्रमित होने से कैसे रोकें, यदि इसका कोई हल है तो वह लॉकडाउन है। यह बात मंत्री उषा ठाकुर ने कही।
उहोंने कहा कि जनता को ज्यादा परेशानी नहीं हो, इसलिए दूध, किराना, फल, सब्जी के लिए सुबह 3 घंटे दिए गए हैं। जब तक कोरोना हमारा पीछा नहीं छोड़ दे, सुरक्षित रहना होगा। यदि 7 मई तक कोरोना पीछा छोड़ देगा तो सबकुछ सामान्य हो जाएगा। 7 तक तो जनता को कर्फ्यू में ही रहना होगा। मरीजों की जो बाढ़ आ रही है। उन्हें ठीक होते-होते भी 7 दिन तो लग ही जाएंगे। सभी जानते हैं कि इससे 14 दिन बाद ही छुटकारा मिलता है।
अब सबसे ज्यादा फंड स्वास्थ्य सुविधा पर खर्च होगा
मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार रात-रातभर बिना सोए काम कर रही है। ऑक्सीजन टैंकर बनवाना हो या प्लांट लगवाना, इन सभी कामों में समय तो लगता है। समय लग रहा है तो लगे पर हमने इन सभी की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू कर दी है। हम संभागीय स्तर के साथ ही सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगा रहे हैं। यह भी तय किया गया है कि पुन: इस प्रकार की विकट स्थितियों का सामना फिर कभी नहीं करना पड़े, इसलिए सबसे ज्यादा रुपए इस बार स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने में लगाया जाएगा।
तुलसी सिलावट बोले – गांव का व्यक्ति गांव में, शहर का शहर में… यही सबके हित में
वहीं, मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि काेविड महामारी धीरे-धीरे स्थिर हुआ है। सरकार अपना काम युद्ध स्तर पर कर रही है। जनता कर्फ्यू हम सबकी रक्षा के लिए है। हमने कुछ माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए हैं, जिससे संक्रमण को रोका जाए। शहर का व्यक्ति शहर में, गांव का व्यक्ति गांव में… यही सबके हित में है।
