मध्य रेल पर रेलवे ट्रैक्शन के लिए हरित ऊर्जा

मुंबई। मध्य रेल द्वारा कर्षण उर्जा की खरीद ओपन ऍक्सेस प्रणाली से करने के कारण कर्षण उर्जा बिल के लगभग 50 करोड की बचत होगी। मध्य रेल द्वारा पहले खरीदी की जाने वाली कर्षण ऊर्जा का निर्माण पारंपारिक स्त्रोतों यानी गैस, कोयले आदि के उपयोग से उत्पन्न होती है, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक मानी जाती है। रेलवे एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड से सहायता के साथ स्वच्छ पर्यावरण के लिए राष्ट्रीय नीति और भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता के अनुरूप, मध्य रेल ने पवन ऊर्जा की आपूर्ति के लिए मेर्सस एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है, जो 22.06.2019 से शुरू हुआ है। महाराष्ट्र के जथ सांगली में राष्ट्रीय एल्यूमिनियम कंपनी (नाल्को) के 50.4 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र लगाया गया हैं। नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की लागत तथा दर के अंतर से मध्य रेल को लगभग 35 करोड रूपये प्रति वर्ष की बचत होगी। पवन ऊर्जा के उपयोग से भारतीय रेल तथा राष्ट्र के कार्बन फुट-प्रिंट में 0.082 मिलियन टन कार्बनडॉय ऑक्साईड की कमी होगी।
