मध्य प्रदेश में सरकारी योजनाओं के लिए किसानों को नहीं देने होंगे फिंगर प्रिंट, OTP से चलेगा काम
भोपाल. मध्य प्रदेश के किसानों (Farmers) को कोरोना संक्रमण (Corona infection) से बचाने के लिए शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब ऑनलाइन (Online) आवेदन में किसानों के फिंगर प्रिंट (Finger Print) की जरूरत नहीं होगी. कोई भी किसान सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जब ऑनलाइन आवेदन करेगा तो उसे फिंगर प्रिंट नहीं देना होगा. उसकी जगह उसे एक ओटीपी (OTP) दिया जाएगा जिससे सारा काम पूरा हो जाएगा.
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने बताया कि किसानों को अनुदान योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर फिंगर प्रिंट के स्थान पर ओटीपी की सुविधा दी जाएगी. उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में एहतियात के तौर पर ये फैसला लिया गया है.
बदल गई व्यवस्था
मंत्री पटेल ने बताया कि विभागीय विभिन्न अनुदान योजनाओं में ट्रैक्टर, पॉवर ट्रिलर, स्व-चलित कृषि यंत्र, शक्ति चलित कृषि यंत्र, स्प्रिंकलर, ड्रिप, सिंचाई पाइप, बिजली और डीजल पम्प की सुविधा किसानों को दी जाती है. इस सबके लिए ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन आवेदन-पत्र लिए जाते हैं. अभी तक फॉर्म पर किसानों के फिंगर प्रिंट लिए जाते थे. उसके बाद ही उनका रजिस्ट्रेशन होता था. किसानों को अपने एप्लीकेशन कियोस्क में जमा करना होता था. लेकिन अब इस व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया गया है.
संक्रमण से बचाव होगा
सरकार ने यह फैसला इसलिए किया ताकि किसानों को संक्रमण से बचाया जा सके. मंत्री ने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिंगर प्रिंट डिवाइस के माध्यम से आवेदन लेना ठीक नहीं है. किसानों को ऑनलाइन आवेदन पर ओटीपी की सुविधा दी जा रही है. किसान अपने मोबाइल फोन या कम्प्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन एप्लाई कर सकेंगे. उन्हें मोबाइल फोन पर ओटीपी मिलेगा. इसके ज़रिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा. कमल पटेल ने कहा अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी.
