मप्र में अगले वित्तीय वर्ष से सम्पत्तिकर बढ़ेगा गंदगी करने पर नगरीय निकायों में लगेगा स्पाट फाईन

भोपाल।प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में अब गंदगी करने पर स्पाट फाईन वसूला जायेगा। गंदगी में ठोस अपशिष्ट डालने, थूकने, खुले में पेशाब करने, खुले में शौच करने, अपशिष्ट जलाने या अन्य कोई गतिविधि जिसमें नागरिकों की स्वच्छता या पर्यावरणीय स्वास्थ्य प्रभावित होता हो, शामिल किया गया है। ऐसा करने पर दस लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले नगर निगमों में एक हजार रुपये एवं दस लाख से कम जनसंख्या वाले निगमों में 500 रुपये स्पाट फाईन नगरीय निकाय द्वारा वसूला जायेगा। जबकि नगर पालिका क्षेत्र में 200 रुपये एवं नगर परिषद क्षेत्र में 100 रुपये स्पाट फाईन लिया जायेगा। इसी प्रकार, कचरे का पृथक्कीकरण न करने, कचरा संग्राहक को कचरा न प्रदान करने, खुले में कचरा फैंकने या जलाने पर ननि में एक हजार, नपा में 300 एवं नगर परिषद में 100 रुपये फाईन लिया जायेगा। बायोमेडिकल वेस्ट एवं सेनेटरी वेस्ट खुले में फैंकने पर ननि में 500 रुपये, नपा में 100 रुपये एवं नगर परिषद में 50 रुपये प्रतिदिन फाईन वसूला जायेगा। अमानक प्लास्टिक के उपयोग पर ननि में 500,0 एवं नपा एवं नगर परिषद में 200 रुपये वसूला जायेगा। आवासीय एवं व्यवसायिक क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थानों, कालोनियों की सडक़ों पर खुले में निर्माण एवं ध्वसं अपशिष्ट डालने पर ननि में हटाये जाने की लागत एवं एक हजार रुपये, नपा में 500 एवं नगर परिषद में 200 रुपये स्पाट फाईन लिया जायेगा। गैर आवासीय संस्था द्वारा फिश, पोल्ट्री, स्लाटर हाऊस आदि द्वारा खुले में अपशिष्ट फेंकने पर ननि में 1500, नपा में 800 एवं नगर परिषद में 500 रुपये वसूले जायेंगे। खुले में या सार्वजनिक स्थलों पर पशुमल को सिर्जित करवाने और सफाई नहीं करने वालों पर ननि में 500, नपा में 500 एवं नगर परिषद में 200 रुपये स्पाट फाईन लगेगा। छोटे दुकानदारों, रेहड़ी वालों द्वारा शहर के सौंदर्य स्थानों, पार्कों, पर्यटन स्थलों आदि में खुले में अपशिष्ट फेंकने पर ननि में 500, नपा में 250 एवं नगर परिषद में 100 रुपये जुर्माना लगेगा। जलप्रदाय एवं सीवेज व्यवस्था से छेड़छाड़ या क्षति पहुंचाने पर क्षति की प्रतिपूर्ति के अलावा ननि में एक हजार, नपा में 500 एवं नगर परिषद में ढाई सौ रुपये अर्थदण्ड लिया जायेगा।
अगले साल से बढ़ेगा सम्पत्ति कर :
राज्य सरकार ने नगरीय निकायों में सम्पत्ति कर के इजाफे के लिये नये नियम लागू कर दिये हैं। अगले वित्त वर्ष में कलेक्टर गाईडलाईन के आधार पर सम्पत्ति के मूल्य का निर्धारण होगा और उस पर 6 से लेकर 10 प्रतिशत की कर वृध्दि हो सकेगी। निकायों को इस संबंध में संकल्प भी पारित करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार, अगले वित्त वर्ष से पानी एवं सीवेज के मीटरयुक्त कनेक्शन भी लगाये जायेंगे और इन पर उपभोक्ता प्रभार वसूले जायेंगे।
