रतनपुर शहर के भीतर की सडक़ का हाल बेहाल
बिलासपुर । सडक़ निर्माण कार्य के चलते बिलासपुर से रतनपुर का सफर दुर्गम साबित हो रहा है । ऐसा नहीं कि यह समस्या सिर्फ हाईवे पर है बल्कि रतनपुर में भी सडक़ों की हालत अच्छी नहीं है। खंडोबा मंदिर से शहर के भीतर होते हुए रेस्ट हाउस तक जाने वाली सडक़ में जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं । शायद बाईपास रोड निर्माण की वजह से रतनपुर के आंतरिक सडक़ पर जरा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। पूरी सडक़ जर्जर हो चुकी है । गड्ढों के अलावा यहां हर वक्त उड़ते धूल के गुबार से भी लोग बुरी तरह परेशान है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा नेशनल हाईवे सडक़ निर्माण के तहत बाईपास सडक़ बनाने से अब कोरबा अंबिकापुर पाली की ओर जाने वाले बाईपास सडक़ का इस्तेमाल करते हैं। शायद यही कारण है कि रतनपुर नगर के भीतर मौजूद सडक़ पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। वार्डो के भीतर के सडक़ की क्या कहे , मुख्य मार्ग का हाल बेहाल है ।जगह-जगह गड्ढे होने से बरसात के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है। समस्या यह है कि यह सडक़ नेशनल हाईवे होने के चलते नगर पालिका परिषद चाह कर भी इस सडक़ की मरम्मत नहीं कर पा रही, तो वही पीडब्ल्यूडी विभाग ने जैसे इस सडक़ को लावारिस ही छोड़ दिया है । ऐसा नहीं है कि बाईपास रोड हो जाने से ही इस सडक़ का महत्व खत्म हो गया हो। अभी भी रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां महामाया के साथ अन्य मंदिरों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें इस जर्जर सडक़ से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग अपनी जरूरतों के लिए रतनपुर आते हैं जिन्हें भी इस सडक़ का सामना करना पड़ता है। रतनपुर क्षेत्र के दोनों ओर सडक़ों का निर्माण कार्य होने से शायद आंतरिक सडक़ पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा , जिसका खामियाजा यहां के लोग भुगतने को मजबूर हैं। हाईवे रोड निर्माण की प्रक्रिया दीर्घकालिक है ,लेकिन इस दौरान अगर विभाग रतनपुर के भीतर की सडक़ की मरम्मत ही कर दे तो भी लोगों की तकलीफ काफी हद तक कम हो सकती है।
