राजस्थान पंडाल हादसा : भगदड़ में दम घुटने व करंट से हुई 18 की मौत, सीएम गहलोत ने दिए जांच के निर्देश

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर में तेज आंधी के कारण रामकथा का पंडाल गिरने से हुई मौत मामले की जांच का निर्देश दिया है। बताया जाता है कि इस घटना में लोगों की मौत भगदड़ के बाद दम घुटने और करंट फैलने से हुई।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। एएसपी रतन लाल भार्गव ने बताया कि घायलों को जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
पुलिस का कहना है कि राम कथा सुनने के लिए जसोल धाम में करीब 1500 लोग आए थे, लेकिन जिस पंडाल में हादसा हुआ, उस में करीब 400 लोग मौजूद थे। पंडाल गिरने के बाद बिजली के तारों की चपेट में आ गया, जिससे करंट फैल गया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस हादसे पर संवेदना जताते हुए आला अधिकारियों को हादसे की जांच करने, घायलों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने तथा पीड़ितों व उनके परिजनों को हरसंभव मदद देने के निर्देश दिए। इस बीच केंद्रीय और बाड़मेर से भाजपा के सांसद कैलाश चौधरी ने अपना रांची का दौरा रद्द कर दिया।
कथा वाचक का कुछ पता नहीं चला
कथा वाचक मुरलीधर महाराज ने पंडाल में हलचल देखते ही लोगों से तुरंत उसे खाली करने को कहा और खुद भी वहां से निकल गए। उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं है। घटनास्थल पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज आंधी के कारण पंडाल जड़ से उखड़ गया और गिरने से पहले कुछ सेकेंड तक हवा में ही उड़ता रहा। पुलिस ने बताया कि ‘राम कथा’ रानी भटियानी मंदिर के पास स्कूल के ग्राउंड में चल रही थी।
