रोहिणी कोर्ट में बीते शुक्रवार गैंगवार की जांच में खुलासा हुआ

दिल्ली | जितेंद्र उर्फ गोगी को मारने के बाद हमलावर सरेंडर करना चाहते थे। उनकी योजना थी कि कोर्ट रूम में जज के सामने वारदात को अंजाम देंगे तो पुलिस उनका एनकाउंटर नहीं करेगी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई और पुलिस की गोली से दोनों मारे गए। इस मामले में दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों उमंग व विनय यादव ने बताया कि वारदात की साजिश मंडोली जेल में रची गई थी।
टिल्लू ताजपुरिया इसी जेल में बंद है। पुलिस ने उमंग से एक पिस्टल बरामद की है। आरोपियों से पूछताछ में ये खुलासा हो गया है कि सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया, नवीन बाली और सुनील राठी ने ही जितेंद्र गोगी की कराई है। उधर, मेडिकल बोर्ड ने रविवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में गोगी के शव का पोस्टमार्टम किया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने भी रोहिणी कोर्ट में घटनास्थल का मुआयना किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सेल ने उमंग को एक दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में तीसरे आरोपी नेपाली युवक की तलाश की जा रही है। वह रोहिणी कोर्ट के बाहर शूटरों को मिला था। विनय को मामले की जांच कर रही अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।
20 सितंबर को उमंग के घर पहुंच गए थे शूटर
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि उमंग व विनय से पूछताछ में पता चला है कि जयदीप उर्फ जग्गा और राहुल त्यागी उमंग के कहने पर 20 सितंबर को उसके घर आ गए थे। हथियार व वकीलों की ड्रेस वह खुद लेकर आए थे। वारदात के दिन उमंग उन्हें छोड़ने रोहिणी कोर्ट तक गया था। वहां पहुंचने से पहले दोनों शूटर रोहिणी स्थित नार्थ एक्स मॉल गए, जहां उन्होंने वकील की पोशाक पहनी। इसके बाद विनय दोनों को रोहिणी कोर्ट ले गया।
दोनों शूटर व तीसरा नेपाली युवक सुबह ही कोर्ट की पहली मंजिल पर चले गए। पार्किंग में कार खड़ी कर उमंग भी इनके पास चला गया। इसके बाद जयदीप और राहुल कोर्ट नंबर 207 में गए, जबकि उमंग व नेपाली युवक कोर्ट सेबाहर आए गए।
