लुधियाना केंद्रीय जेल में साथी की मौत पर कैदियों का उत्पात, गोलीबारी में एक और मरा, 12 सिलेंडर फूंके

पंजाब की सबसे बड़ी लुधियाना केंद्रीय जेल में गुरुवार सुबह अपने साथी कैदी की मौत की सूचना मिलने के बाद कैदी आपे से बाहर हो गए। जेल प्रशासन को मौत का जिम्मेदार बता कैदियों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। जब जेल मुलाजिमों ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो कैदियों ने पथराव किया।
पहले तो मुलाजिमों ने भाग कर अपना बचाव किया लेकिन जब पथराव नहीं रुका तो जेल मुलाजिमों ने एसएलआर से फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली टिब्बा रोड के रहने वाले अंजीत सिंह उर्फ भोला (25) को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद कैदी और भड़क गए। सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस मौके पर पहुंची तो कैदियों ने उन पर भी पत्थर बरसाए और पूरी जेल को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जेल के अंदर बने लंगर हॉल में 12 के करीब सिलेंडर ब्लास्ट किए गए। कैदियों ने कंट्रोल रुम को भी आग के हवाले कर दिया और जेल सुपरिंटेंडेंट की गाड़ी को भी आग लगा दी।
माहौल खराब होता देख पूरे जिले की पुलिस वहां पहुंच गई। डीसी प्रदीप अग्रवाल के साथ साथ लुधियाना, जगरांव और खन्ना पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। वाटर कैनन की गाड़ियों को भी जेल के अंदर भेजा गया।
दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने कैदियों को काबू में किया और सभी को बैरकों में बंद कर दिया। कैदियों द्वारा की गई पत्थरबाजी में जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट कुलदीप सिंह, मक्खन सिंह, गुरजीत सिंह, एसीपी इंडस्ट्री एरिया बी संदीप वडेरा के साथ साथ बाकी मुलाजिम भी घायल हो गए।
सूत्रों के अनुसार नशा तस्करी के आरोप में जेल में बंद हवालाती सन्नी सूद से जेल प्रशासन ने बुधवार को मोबाइल फोन बरामद किया था। आरोप है कि जेल मुलाजिमों ने उससे पैसों की मांग की लेकिन सन्नी ने मना कर दिया।
इसके बाद सन्नी के साथ मारपीट की गई और उसे चक्की में बंद कर दिया गया। रात को सन्नी ने फिर गालियां दी तो मुलाजिमों ने उसे बाहर निकाल कर उसके साथ मारपीट की।
मारपीट के दौरान सन्नी की हालत खराब हो गई। साथी कैदी के साथ ऐसा बर्ताव देख कैदी रोष में आ गए। जिसके बाद मुलाजिमों ने सन्नी को जेल अस्पताल पहुंचाया।
वहां से उसे सिविल और फिर पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। सन्नी की मौत की खबर जैसे ही जेल में बंद उसके साथियों तक पहुंची तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।
कैदियों ने आरोप लगाए कि जेल मुलाजिमों द्वारा की गई पिटाई से सन्नी की मौत हुई है। देखते ही देखते सुबह 11 बजे सभी कैदी इकट्ठे हो गए और नारेबाजी करने लगे।
मुलाजिमों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कैदियों ने उन पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। जेल मुलाजिमों ने तुरंत जिला पुलिस को सूचना दी लेकिन मामला हाथ से निकलते देख मुलाजिमों ने गोलियां चला दी जिसमें अजीत सिंह की मौत हो गई।
इसके बाद माहौल बिगड़ गया। कैदियों ने जेल को अपने कब्जे में ले लिया। वह ड्योढ़ी तक पहुंच गए और अधिकारियों के दफ्तरों पर कब्जा कर लिया। कैदियों ने वहां तोड़ फोड़ की और अंदर बने कंट्रोल रूम को आग लगा दी।
आग लगाने के बाद सभी कैदी दोबारा जेल के अंदर गए। इसी दौरान जिला पुलिस भी अंदर दाखिल हो गई। जिला पुलिस को देख कैदियों ने लंगर हाल से सिलेंडर उठा कर बाहर लाने शुरू कर दिए और उन्हें आग लगाकर पुलिस की तरफ फेंकना शुरू कर दिया।
कैदियों ने 12 से ज्यादा ऊपर सिलेंडरों को आग लगाकर ब्लास्ट कर दिया। इसके बाद अंदर खड़ी सुपरिंटेंडेंट की गाड़ी को आग लगा दी। सूचना मिलते ही डीसी वहां पहुंचे और जगरांव और खन्ना के साथ-साथ बाकी जगहों से भी पुलिस फोर्स मंगवाई। कैदियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
करीब दो घंटे में पुलिस की तरफ से पचास से ज्यादा हवाई फायर किए गए और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। पुलिस ने सभी मुलाजिमों को बैरकों में बंद कर हालात काबू में किए। हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि सन्नी की मौत गोलियां खाने से हुई है। उसके साथ किसी तरह मारपीट नहीं की गई थी।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लुधियाना की केंद्रीय जेल में हुई हिंसा की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक कैदी सनी सूद की पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में मौत हो जाने की खबर जेल में पहुंचने के बाद सुबह लगभग 11:30 बजे हिंसा हुई। पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना से पंजाब में अमन-कानून की स्थिति के बिगड़ने वाली कोई बात नहीं है।
राज्य में कानून की स्थिति बेहतर है। विरोधी पक्ष द्वारा पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा के इस्तीफे की मांग पर पूछे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि वास्तव में अकाली दल और आम आदमी पार्टी के पास ऐसी बेतुकी मांगों के अलावा कोई रचनात्मक बात करने को नहीं। स्थिति के साथ निपटा जायेगा और हम निपट रहे हैं।
क्या बोले रंधावा
वहीं जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। जेल के अंदर गैंग आपस में भिड़ गए थे, जिसके परिणामस्वरूप यह घटना हुई। उन्होंने कहा कि ऐसी गैंगवार जेलों में तभी होती हैं जब कैदियों के पास कोई काम करने के लिए नहीं होता।
पंजाब की जेलों में बीते 10-12 साल से वर्कशाप बंद की जा चुकी हैं, जिसके चलते ऐसे झगड़े सामने आते रहते हैं। जेलों में वर्क कल्चर बंद हो चुका है और कैदियों को सारा दिन जेलों में बंद नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें बैरकों से बाहर निकाला जाता है।
