लोकसभा चुनावों के बाद एक्शन में योगी, गड़बड़ी करने वाले अफसरों पर सख्ती, कई निलंबित

लखनऊ: लोकसभा चुनावों के बाद अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में आ गए हैं. बड़े पैमाने पर विभागों में फैली गड़बड़ियों की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई का दौर शुरू कर दिया है. उत्तर प्रदेश में पिछली एसपी सरकार के कार्यकाल के दौरान पशुपालन विभाग में हुई भर्तियों में गड़बड़ी पर विभाग के अपर निदेशक सहित छह अफसरों को रविवार को निलंबित कर दिया है. मामले में पशु पालन विभाग के निदेशक चरण सिंह यादव के साथ अपर निदेशक अशोक कुमार सिंह, बस्ती के अपर निदेशक जी.सी. द्विवेदी, लखनऊ मंडल के अपर निदेशक डॉक्टर हरिपाल, बरेली मंडल के अपर निदेशक ए.पी. सिंह और अयोध्या के अपर निदेशक अनूप श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है.
बता दें कि 2012-13 में पशुधन अधिकारियों की भर्ती में हुए घोटाले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर एसआईटी ने भर्ती में घोटाले का पर्दाफाश किया है. जांच में पाया गया कि भर्ती में मनमाने तरीके से मानकों को दरकिनार किया गया. प्रदेशभर में 1148 पशुधन प्रसार अधिकारियों की हुई भर्ती में अफसरों ने लिखित परीक्षा 100 की जगह 80 अंकों की करवाई और 20 अंकों का साक्षात्कार रख दिया. इसके सहारे मनपसंद अभ्यर्थियों को चुना गया. योगी सरकार ने 28 दिसंबर, 2017 को मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई की है.
शनिवार को सपा सरकार में चकबंदी लेखपालों की भर्ती में हुई गड़बड़ी मामले के आरोपित सुरेश सिंह यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. आरोपित ने पुलिस की लापरवाही से भर्ती घोटाले मामले में दर्ज एफआइआर पर अरेस्ट स्टे ले लिया था. कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार की उच्चस्तरीय जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी मिलने पर सरकार ने चकबंदी आयुक्त शारदा सिंह और तत्कालीन अपर संचालक चकबंदी (प्रा.) सुरेश सिंह यादव को निलंबित कर दिया था. इस गंभीर मामले में शासन ने सोमवार को रिपोर्ट तलब की तो पता चला कि अभी तक कोई आरोपित गिरफ्तार नहीं किया गया है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फटकार के बाद पुलिस हरकत में आई.
शुक्रवार देर रात में सुरेश के खिलाफ रंगदारी, धमकी और गाली गलौज की एक अन्य एफआइआर दर्ज की और शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया. सीएम की ओर से मामले की मॉनीटरिंग होती देख पुलिस ने गोरखपुर के कैंपियरगंज स्थित धरमपुर गांव निवासी योगेंद्र की तहरीर पर सुरेश सिंह यादव के खिलाफ शुक्रवार देर रात एक एफआइआर दर्ज की. एएसपी पूर्वी लखनऊ सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक योगेंद्र का आरोप है कि चकबंदी विभाग की एक पत्रवली का निस्तारण करने के लिए सुरेश ने उनसे रुपयों की मांग की थी. रुपये नहीं देने पर गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी थी. इसी मामले में आरोपित को पकड़ा गया है.
लगातार कार्रवाई के दौर के बीच सीएम योगी ने कहा, 'किसी को भी कानून के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा. सभी आयोगों के प्रमुखों को साफ कह दिया गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता रखी जाए.' योगी ने प्रदेश के युवाओं को भी भरोसा दिलाया कि जो लोग उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेंगे, उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
इससे पहले सीएम योगी के आदेश पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक अंजूलता कटियार को नकल माफिया में साठगांठ के आरोप में पुलिस ने जेल भेजा था, जिसके बाद अनियमताओं के मामले में लगातार अधिकारियों पर कार्यवाही की जा रही है.
