शव ले जाने के लिए अस्पताल में शववाहिनी नहीं, निजी वाहन ने मांगे 5 हजार रु.; फिर रात में परिजन हाथठेले पर शव रखकर ले गए

पथरिया स्वास्थ्य केंद्र का मामला, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया था भर्ती
कोरोना काल में रोजाना कहीं न कहीं से मन को झकझोर करने और अमानवीयता की तस्वीरें सामने आ रही हैं। मंगलवार को फिर दमोह में ऐसा ही मामला सामने आया। यहां एक महिला की मौत के बाद परिजन को शव घर ले जाने के लिए शव वाहिनी तक नहीं तक मिल सकी। निजी वाहन ने 5 हजार रुपए किराया बताया। इसके बाद परिजन हाथठेले पर शव रखकर घर ले गए।
मंगलवार को पथरिया नगर के वार्ड 9 की निवासी कलावती विश्वकर्मा (45) की तबीयत खराब हो गई। परिजन शाम 6 बजे उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां महिला का इलाज किया जा रहा था। तबियत में सुधार नहीं होने पर परिजन ने डॉक्टरों से दमोह रेफर करने के लिए भी कहा, लेकिन स्टाफ ने यह कहकर इनकार कर दिया कि दमोह अस्पताल में जगह नहीं है। इनका इलाज यहीं किया जाएगा। इसी बीच, रात करीब 8.30 बजे कलावती ने अस्पताल में दमतोड़ दिया।
अब शव ले जाने की जद्दोजहद
मौत के बाद परिजन शव ले जाने के लिए शासकीय एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। जब गाड़ी नहीं आई, तो परिजन ने निजी शववाहिनी से शव घर ले जाने की बात कही, लेकिन उसके चालक ने 5 हजार रुपए किराया मांगा। मजबूरन परिजन महिला का शव हाथठेले पर रखकर घर के लिए रवाना हुए।
बीएमओ बोले- शव कैसे ले गए, नहीं पता
बीएमओ डॉ. ई मिंज ने बताया, महिला गंभीर हालत में अस्पताल आई थी। तुरंत भर्ती कर ऑक्सीजन लगाई गई। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन मौत हो गई। परिजन दमोह ले जाने की बात कह रहे थे। शव परिजन अपने हिसाब से घर ले गए हैं। वह शव कैसे ले गए मुझे नहीं पता।
