शहनाई एवं ढोल-नगाड़ों की सुर लहरियों के बीच सजल आंखों से बिदा हुए 12 युगल 

इन्दौर । शहनाई एवं ढोल-नगाड़ों की सुर लहरियों के बीच एबी रोड़, राजीव गांधी चैराहा के पास स्थित शुभकारज गार्डन आज रात 12 युगलों के परिणय बंधन का साक्षी बन गया। इसके पूर्व गार्डन से 12 घोडियों पर सवार दूल्हों तथा छह बग्घियों में बैठी सजी-धजी दुल्हनों की शोभायात्रा बैंड-बाजों सहित निकाली गई। सभी परंपरागत रस्मों के निर्वहन के बाद नवयुगलों ने अपने घर आंगन में एक एक पौधा रोपने तथा अपने घर-परिवार, मोहल्ले एवं शहर को साफ-सुथरा रखने की शपथ सहित ढेरों उपहारों के साथ बिदाई ली तो अनेक आंखें सजल हो उठीं। विवाह समारोह में उत्तरप्रदेश, राजस्थान एवं म.प्र. के युगल और मेहमान शामिल हुए।
महानगर अग्रवाल समाज की मेजबानी में आज सुबह गार्डन पर गणेश पूजन के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ। दूर-दूर से आए वर-वधू पक्ष के मेहमानों ने पूरे उल्लास के साथ परंपरागत रस्मों का पालन किया। समाजसेवी दिनेश मित्तल, विनोद अग्रवाल, प्रेमचंद गोयल, सुनील-डॉ. दिव्या गुप्ता, रामदास गोयल, किशनलाल ऐरन, राजेश बंसल, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल, पवन सिंघानिया, संतोष गोयल, गोविंद मंगल, बालकृष्ण छाबछरिया सहित अनेक अतिथि देर शाम तक मौजूद रहे। संगठन के राजेश कुंजीलाल गोयल, अरविंद बागड़ी, महेश मित्तल, दामोदर मोदी, संतोष गर्ग, पंकज जयगणेश, अजय गुप्ता, विनोद अग्रोहा कपल ग्रुप तथा महिला संगठनों की ओर से शशि ऐरन, वर्षा बंसल, प्रज्ञा अग्रवाल, सूरजदेवी बंसल, अनिता ऐरन सहित सैकड़ों समाजबंधुओं ने सभी मेहमानों की अगवानी की। संध्या को वर-वधू पक्षों के बीच सामेला हुआ तो होली और फूलों के रंगों से गार्डन महक उठा। दो बैंड-बाजों एवं प्रत्येक दूल्हे को छत्र तथा चंवर और एक रथ पर सवार महाराजा अग्रसेन के चित्र सहित शोभायात्रा में नाचते-गाते मेहमानों और महानगर के पदाधिकारियों का काफिला संध्या को विभिन्न मार्गों से होकर जब गार्डन पहुंचा जहां 12 तोरण द्वार, 12 लग्नवेदी, 12 विद्वान, 12 मंडप की व्यवस्था की गई थी। तोरण की बेला में महेश निरमा, राजेंद्र समर्पण, सुनील अग्रवाल, रमणलाल चाटवाले, मनोज गोयल, एल.बी. अग्रवाल, राधेश्याम गुप्ता, धर्मेंद्र ऐरन सहित हजारों समाजबंधु मौजूद थे, जिन्होंने पुष्पवर्षा कर नवयुगलों के यशस्वी मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं समर्पित की।
लग्न के पश्चात अतिथियों ने नवयुगलों को महाराजा अग्रसेन के चित्र की साक्षी में पौधरोपण, स्वच्छता अभियान में भागीदार बनने और दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने के संकल्प दिलाए गए। सभी युगलों को गृहस्थी में काम आने वाली वस्तुओं के साथ गीता एवं तुलसी पौधा भी भेंट किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि समाजसेवी दिनेश मित्तल ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसा आयोजन हर समाज के लिए अनुकरणीय है। हर दृष्टि से इस तरह के आयोजन समाज को नई चेतना देने वाले होते हैं।

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