शिक्षक भर्ती में हो रही देरी:

शिक्षक भर्ती में हो रही देरी:कमलनाथ का आरोप- भाजपा सरकार आने के बाद रुक गई 30 हजार चयनित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया
 

अगस्त में मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती का रिजल्ट जारी हुए एक साल होने पर नियुक्ति नहीं की गई, तो चयनित उम्मीदवारों ने विरोध में भोपाल सहित प्रदेशभर में रिजल्ट की कॉपियां जलाकर बरसी मनाई थी।
मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की

पूर्व मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के 30 हजार से अधिक शासकीय स्‍कूलों में चयनित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तत्‍काल शुरू करने की मांग की है। उन्‍होंने कहा कि इन पदों पर भर्ती प्रक्रियाएं कांग्रेस सरकार ने पूरी कर ली थीं। इसके अं‍तिम चरण में मात्र दस्‍तावेजों का सत्‍यापन किया जाना था, लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद ये प्रक्रिया रुक गई। इससे चयनित अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है और शिक्षा व्‍यवस्‍था पर भी गलत असर पड़ रहा है।

कमलनाथ ने शिवराज को पत्र लिखा।

पूर्व मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस संबंध में लिखे पत्र में कहा है कि 'वर्ष 2011 के बाद से प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई थी। इस कारण कई शासकीय स्‍कूल शिक्षक विहीन थे। इस कमी को दूर करने और शिक्षा का स्‍तर सुधारने के लिए प्रदेश के 19 हजार से अधिक उच्‍चतर माध्‍यमिक व 11 हजार से अधिक माध्‍यमिक शालाओं में शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी। कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान इन पदों पर भर्ती की औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। अंतिम चरण में दस्‍तावेजों का सत्‍यापन किया जाना था, जो भाजपा द्वारा कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को गिराने के कारण पूरा न हो सका।'

कमलनाथ ने कहा कि 'कोरोना और परिवहन व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध न होने की आड़ में भाजपा ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। आज अनलॉक व्‍यवस्‍था हुए काफी समय हो गया है, लेकिन अभी भी भर्ती प्रक्रिया को रोक कर रखा गया है। इसके कारण चयनित अभ्‍यर्थियों में आक्रोश व्‍याप्‍त है। वे अधर में लटके हैं और अपनी नियुक्ति की लंबे समय से बाट जोह रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस सरकार इन शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कटिबद्ध थी, लेकिन सत्‍ता परिवर्तन के कारण यह संभव नहीं हो सका।'

शिक्षक भर्ती का 28 अगस्त 2019 को जारी हो चुका है रिजल्ट

मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग व आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत 30, 594 से अधिक शिक्षकों की भर्ती नहीं हो सकी। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग व आादिम जाति कल्याण विभाग के तहत उच्च माध्ममिक शिक्षक के 19220 पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) ने 28 अगस्त 2019 को उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया था। एक साल पूरे होने पर भी नियुक्ति नहीं हुई, तो चयनित उम्मीदवारों ने भोपाल सहित प्रदेशभर में रिजल्ट की कॉपियां जलाकर बरसी मनाई और विरोध जताया।

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