शुरु नहीं हो पाई स्पाट बिलिंग की व्यवस्था

भोपाल । नगर निगम प्रशासन स्पॉट बिलिंग व स्पॉट रीडिंग की व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं कर पाया है।राजधानी में पानी की बर्बादी रोकने के लिए लोगों के घरों में मीटर लगाए जाने थे, लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। निगम प्रशासन ने मीटर रीडिंग और स्पॉट बिलिंग के लिए हैदराबाद की एनालॉजिक्स टेक इंडिया व भोपाल की प्राइम वन वर्क फोर्स को जिम्मा सौंपा था। कंपनी ने भेल क्षेत्र के जोन नंबर 14, 15 और 16 में करीब 20 हजार घरों का सर्वे भी कर लिया है। गत जनवरी महीने में जोन 14 के तहत आने वाले शक्ति नगर, साकेत नगर, इंद्रपुरी, सोनागिरी, कल्पना नगर आदि क्षेत्रों से स्पॉट बिलिंग की शुरुआत करने की तैयारी थी। लेकिन निगम स्पॉट बिलिंग शुरू नहीं कर पाया। शहर में 1 लाख 20 हजार वैध नल कनेक्शन हैं। निगम के जलकार्य शाखा के अधिकारियों का कहना है कि जोन नंबर 14, 15 और 16 में सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब जल्द ही स्पॉट बिलिंग की व्यवस्था शुरू होगी। स्पॉट बिलिंग का कार्य मई 2017 से शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन पिछले साल बड़े तालाब में पानी की कमी होने से सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी। ऐसे में विरोध से बचने के लिए निगम ने स्पॉट बिलिंग चालू नहीं की। फिर बारिश के बाद विधानसभा चुनावों की तैयारी चालू हो गईं। जहां बिलिंग शुरू होगी, वहां महीने का बिल न्यूनतम बिल 250 से 300 रुपए तक आएगा। जबकि, जहां मीटर नहीं लगे हैं, उनसे 180 रुपए ही लिया जाएगा। ऐसे में विरोध होना तय है, जिससे बिलिंग चालू नहीं हो पाई।
इस बार फिर पिछले साल की तरह बड़े तालाब में पानी कम है। निगम के सामने चुनौती ये है कि किसी तरह गर्मी निकल जाए। जिन क्षेत्रों में ज्यादा पानी सप्लाई होता है वहां लोग पीने वाले पानी से गाड़ियां धुलते हैं, गार्डन में पानी डालते हैं। कई जगह नालियों में नलों को खुला छोड़कर पानी की बर्बादी की जाती है। मीटर की व्यवस्था के बाद पानी की खपत के हिसाब से शुल्क देना होगा। इससे बर्बादी काफी हद तक रुकेगी। निगम का पानी सप्लाई पर सालाना करीब 80 करोड़ खर्च होता है, लेकिन 40 करोड़ भी वसूली नहीं हो पाती। मीटर लगने के बाद निगम का राजस्व नुकसान कम हो जाएगा। मीटर लगने के बाद 10 हजार लीटर तक 6.30 रुपए प्रति हजार लीटर की दर पर बिल आएगा।10 से 20 हजार लीटर तक खपत होने पर 9.80 रुपए प्रति हजार लीटर के हिसाब से चार्ज लगेगा। 20 हजार लीटर से अधिक खपत पर 12 रुपए प्रति हजार लीटर के हिसाब से शुल्क की गणना होगी। निगम ने वर्ष 2016-17 में भेल क्षेत्र के चार जोनों में स्पॉट बिलिंग शुरू किया था, लेकिन फर्जी बिलिंग की शिकायतों के चलते निगम ने संबंधित कंपनी ठेका निरस्त कर दिया था। साकेत एरिया सहित कई क्षेत्रों में 500 से अधिक घरों में नल के मीटरों की चोरी की शिकायतें आई थीं। इसके बाद निगम ने टेंडर कर नई कंपनी का चयन किया। इस बार गड़बड़ियों को रोकने के लिए शर्तों में कई बदलाव भी किए हैं।
