सीएनजी सहभागी योजना के तहत राज्य में नये 300 सीएनजी पम्प शुरु होंगे

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य के सीएनजी वाहन धारकों और वाहन चालकों को आसानी से सीएनजी गैस उपलब्ध करवाने और उन्हें लम्बी लाइनों से मुक्ति दिलवाने के लिए गुजरात में बड़ी तादाद में सीएनजी पम्प शुरु करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सीएनजी वाहन चालकों को सीएनजी के लिए फिलिंग स्टेशंस पर लाइन में खड़े रहना पड़ता है और सरकार के इस फैसले से उन्हें अब राहत मिल जाएगी। समग्र गुजरात में दो वर्ष में 300 से ज्यादा नये सीएनजी स्टेशन ‘सीएनजी सहभागी योजना’ के अंतर्गत राज्य सरकार की इकाई गुजरात गैस लिमिटेड और साबरमती गैस लिमिटेड द्वारा स्थापित करने का आयोजन है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज गांधीनगर में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसमें मुख्य सचिव डॉ. जे.एन.सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य अग्र सचिव के. कैलाशनाथन, अग्र सचिव एमके. दास, ऊर्जा अग्र सचिव पंकज जोशी, जीएसपीसी के एमडी नटराजन और गुजरात गैस के सीईओ नितिन पाटिल के साथ ही कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने ‘सीएनजी सहभागी योजना’ के अंतर्गत पर्यावरणप्रिय- प्रदूषणमुक्त परिवहन सेवा से स्वच्छ गुजरात-स्वस्थ गुजरात की संकल्पना साकार करने की प्रतिबद्धता जतायी। इन सीएनजी स्टेशंस की स्थापना राज्य के विभिन्न शहरों तथा राजमार्गों पर की जाएगी। साथ ही, गुजरात गैस लिमिटेड और साबरमती गैस लिमिटेड द्वारा राज्य के उद्योग साहसिकों को इस सीएनजी सहभागी योजना के अंतर्गत हरियाली क्रांति में सहभागी होकर आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य में वर्तमान में जहां पेट्रोल पम्प कार्यरत हैं, वहीं पर पेट्रोल पम्पधारक सीएनजी भी शुरु कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सरकार से कोई अतिरिक्त मंजूरी नहीं लेनी होगी।
इस सीएनजी सहभागी योजना के अंतर्गत शहरी- नगरपालिका क्षेत्र तथा हाईवे पर सहभागीदारी मॉडल प्रणाली के तहत सीएनजी फ्रेंचाईजी (स्व संचालित डीलर) मॉडल एवं पीएसयु-ओएमसी डीलर, दो प्रकार के सीएनजी स्टेशन शामिल हैं। पीएसयु-ओएमसी डीलर के अंतर्गत ऑनलाइन सीएनजी स्टेशन (पाइपलाइन द्वारा) अथवा डॉटर बूस्टर सीएनजी स्टेशन (पाइपलाइन बगैर) शामिल हैं। नया सीएनजी स्टेशन प्रारम्भ करने के लिए मुख्य साधन कम्पनी द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे और अन्य कार्यों में सहयोग भी किया जाएगा। एन.ओ.सी. और सिविल कार्य आवेदकों को करवाना होगा। आवेदक जिस स्थान पर सीएनजी स्टेशन शुरु करना चाहते हैं, उस स्थल की मालिकी आवेदक की होनी चाहिए।
विजय रूपाणी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की वैश्विक समस्या के सामूहिक निराकरण के तौर पर वातावरण में कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिए गुजरात ने हमेशा सकारात्मक कदम उठाए हैं। डीजल- पेट्रोल की तुलना में सीएनजी ज्यादा स्वच्छ और सुरक्षित ईधन है। गुजरात नेचरल गैस के क्षेत्र में छलांग लगा रहा है। गुजरात में पिछले 23 वर्ष में 542 सीएनजी स्टेशन खड़े किए गए हैं। आगामी दो वर्ष में ही 300 नये सीएनजी स्टेशन खड़े करके गुजरात नेचरल गैस- सुरक्षित ईधन के उपयोग में अग्रसर रहेगा। उन्होंने सीएनजी वाहन चालकों और धारकों को सरलता से गैस उपलब्ध करवाने और घर घर पाइपलाइन द्वारा गैस पहुंचाने के लिए पीएनजी के नेटवर्क को भी व्यापक बनाने के निर्देश दिए। इसके अनुसार, वर्तमान में 13.50 लाख घरों में पीएनजी गैस का उपयोग होता है। इसे बढ़ाकर आगामी 3 वर्ष में 4.50 लाख घरों में बढ़ाकर वर्ष 2022 तक गुजरात गैस लिमिटेड और साबरमती गैस लिमिटेड द्वारा 18 लाख घरों में पीएनजी गैस पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में घरेलु कहा कि राज्य में घरेलु उपयोगकर्ताओं को सम्पूर्णतया पीएनजी का उपयोगकर्ता बनाने के लिए वार्षिक दो लाख तक की आय वाले परिवारों के लिए पीएनजी कनेक्शन की डिपोज़िट 1000 रुपए और दो लाख से ज्यादा आय वालों के लिए 5000 रुपए लेने का निर्देश दिया। बैठक में कहा गया कि गुजरात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदूषणमुक्त नया भारत के निर्माण में इस पर्यावरणप्रिय सीएनजी-पीएनजी गैस के उपयोग से अग्रसर रहा है। सीएनजी फ्रेंचाइजी प्रक्रिया को ज्यादा तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदा मंगवाने जाएंगे और अधिक जानकारी www.cngsahbhaagi.com पर उपलब्ध है।
