सीएम गहलोत के भाई अग्रसेन पर कसा शिकंजा

जयपुर |राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े सीमा अग्रसेन गहलोत सोमवार को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। उर्वरक निर्यात अनियमितताओं से जुड़े मामले में उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच चल रही है। उनका बयान धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया। गहलोत एक वकील के साथ सुबह करीब 11:30 बजे ईडी के सामने पेश हुए।इस मामले में अग्रसेन गहलोत से पहले भी पूछताछ हो चुकी है लेकिन उन्होंने ईडी की कार्रवाई से राहत की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। राजस्थान उच्च न्यायालय ने हाल ही में उन्हें जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने के लिए कहा था साथ ही ईडी को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का भी निर्देश दिया था।
कस रहा शिकंजा, लग चुका है करोड़ों का जुर्माना
उर्वरक घोटाले को लेकर अग्रसेन गहलोत पर शिकंजा कसता ही चला रहा है। पिछले दिनों ईडी ने कस्टम विभाग की शिकायत पर उन पर आपराधिक मामला दर्ज किया था। इसके बाद उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। साक्ष्यों के सामने आने के बाद उन पर करोड़ों का जुर्माना भी लगाया गया था।
यूपीए सरकार के समय हुआ था घोटाला
अग्रसेन गहलोत का फर्टीलाइजर का बिजनेस है। उनकी कंपनी 'अनुपम कृषि' काम उर्वरक को रखकर उन्हें किसानों में वितरित करने का था। आरोप है कि यूपीए सरकार के समय अग्रसेन गहलोत की कंपनी 'अनुपम कृषि' ने किसानों को देने के लिए आई सब्सिडी वाली पोटाश को फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर विदेश निर्यात कर दिया था। यह पोटाश इंडियन पोटाश लिमिटेड की ओर से विदेश से आयात की गई थी।
