हजरतगंज मामले में खुलासा: ‘पापा! विक्रम ने वैभव को गोली मार दी, मामा को 30 लाख देना’

पापा! बहुत बड़ा काण्ड हो गया है, हम लोग वैभव से बात करने गए थे। वहां झगड़ा हो गया और विक्रम ने वैभव को गोली मार दी। शायद, वह मर गया है। हम लोग निकल रहे हैं। आप, मामा को 30 लाख रुपये दे देना। हजरतगंज के कसमण्डा अपार्टमेंट में पूर्व विधायक के बेटे वैभव तिवारी (28) की गोली मारकर हत्या करने के बाद हत्यारोपी सूरज शुक्ला ने अपने पिता संतोष शुक्ला को फोन किया था।
यह बातचीत उसके पिता के मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हो गई। रविवार को पुलिस ने अर्जुनगंज स्थित सूरज के घर में दबिश दी। सूरज तो नहीं लेकिन पुलिस ने उसके पिता संतोष शुक्ला व दो चाचाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मोबाइल में दर्ज बातचीत की रिकॉर्डिंग सुनने के बाद कमरे की अलमारी में रखे 30 लाख रुपये जब्त कर लिए हैं।
यह है घटना
मूलत: सिद्धार्थनगर के रमुआपुर जगतपुर गांव में रहने वाले प्रेम प्रकाश तिवारी डुमरियागंज विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर तीन बार विधायक रह चुके हैं। वह परिवार के साथ हजरतगंज में कसमण्डा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 322 में परिवार के साथ रहते हैं। उनका इकलौता बेटा वैभव तिवारी पैतृक गांव का प्रधान था और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। शनिवार रात वह अपने ममरे भाई आदित्य के साथ परिसर में बैठा था। तभी वहां पहुंचे सूरज शुक्ला और विक्रम सिंह उसे बातचीत के बहाने बाहर ले गए थे। कहासुनी के दौरान हमलावरों ने वैभव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में घरवालों ने अर्जुनगंज के खुर्दही बाजार निवासी सूरज शुक्ला और नरही निवासी विक्रम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
सजा दिलाने में मददगार होगी रिकॉर्डिंग
सूरज के पिता संतोष शुक्ला सेना से रिटायर हैं। वह सब्जी मसाले का कारोबार करते हैं। इंस्पेक्टर आनंद शाही ने बताया कि घटना के बाद रात 10:05 बजे सूरज ने पिता संतोष शुक्ला के नंबर पर कॉल की थी। संतोष शुक्ला के मोबाइल फोन में ऑटो रिकॉर्डिंग सिस्टम एक्टिवेट था। इसके चलते सूरज की उसके पिता से हुई पूरी बातचीत रिकॉर्ड हो गई। रिकॉर्डिंग में सूरज ने अपने पिता से गुनाह कबूला है। सूरज ने पिता से बताया कि विक्रम ने वैभव को गोली मार दी है। आवाज से वह काफी घबराया हुआ लग रहा था। पुलिस ने यह रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ले ली है। एसएसपी ने बताया कि यह रिकॉर्डिंग आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत साबित होगी।
मामा को क्यों देने थे 30 लाख रुपये
पिता संतोष शुक्ला से बातचीत के दौरान सूरज ने उनसे कहा था कि.. आप मामा को 30 लाख रुपये दे देना। इसे सुनने के बाद पुलिस ने उसके घर से यह रुपये बरामद कर लिए। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सूरज के पास इतने रुपये कहां से आए? वह यह रुपये अपने मामा तक क्यों पहुंचाना चाह रहा था? पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं सूरज ने विक्रम को वैभव की हत्या की सुपारी तो नहीं दी थी? एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही सारी तस्वीर साफ हो जाएगी।
कुत्ते को रिश्तेदार के हवाले कर चंपत हुई मां
विक्रम ने भी अपनी मां गीता सिंह को फोन करके घटना की खबर दे दी थी। इससे पहले कि पुलिस विक्रम के घर पहुंचती, उसकी मां घर में ताला डालकर निकल गई थी। पुलिस ने पड़ोसियों से गीता सिंह और विक्रम के बारे में पूछताछ की। एक पड़ोसी महिला ने बताया कि रात को गीता उसके पास आई थी। गीता ने कहा कि.. विक्रम ने गड़बड़ कर दी है, मैं जा रही हूं। इसी के साथ गीता ने अपने पालतू कुत्ते मैक्स को पड़ोसी के हवाले किया और निकल गई।
