हरियाणा में नायब तहसीलदार के 70 पदों पर भर्ती को हरी झंडी, हाईकोर्ट ने कहा- नहीं हुआ पेपर लीक

हरियाणा में नायब तहसीलदार के 70 पद के लिए आयोजित परीक्षा का पेपर लीक होने को लेकर दाखिल याचिकाओं को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने भर्ती को हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने कहा अभी तक सामने आए तथ्यों के अनुसार केवल पेपर लीक का प्रयास हुआ था जिसे होने से पहले ही पकड़ लिया गया था। परीक्षा का पेपर लेकर होने के चलते परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किए हैं।
याचिकाओं के जवाब में एचपीएससी ने बताया था कि परीक्षा के लिए 2 लाख 60 हजार आवेदन आए थे और राज्य भर में 808 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और जांच में सामने आया था कि हिसार के दो भाइयों को यह आंसर की लीक की जानी थी, जिनके रेवाड़ी के दो अलग-अलग स्कूलों में परीक्षा केंद्र थे। प्रश्न पत्र जारी होने के बाद व्हाट्सएप के जरिये इन्हे बाहर एक अन्य व्यक्ति को भेजा गया जिसने प्रश्न पत्र सॉल्व कर उसकी आंसर-की वापिस भेज दी, लेकिन इससे पहले कि यह आंसर की दोनों भाइयों के तक पहुंचती आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे में इसे पेपर लीक का मामला नहीं माना जा सकता है। एचपीएससी ने बताया है कि इस मामले में अभी तक करनाल के परीक्षा केंद्र के सुपरवाइजर सहित एक अन्य कर्मी को गिरफ्तार किया जा चुका है। गुरुग्राम में जिस व्यक्ति के पास प्रश्न पत्र व्हाट्सएप के जरिये सॉल्व करने के लिए भेजा गया था उसे और सॉल्व हो जाने के बाद जिस व्यक्ति को आगे दोनों भाइयों को यह भेजा जाना था उन सभी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है और दोनों भाइयों को पांच वर्ष के लिए परीक्षा से डीबार भी कर दिया गया है कुछ अन्य गिरफ्तारियां अभी होनी बाकी हैं।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जानकारी यह साफ बताती है कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है। जांच अभी जारी है और ऐसे में इस पूरी परीक्षा पर सवाल उठाना सही नहीं है लिहाजा हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया।
