हिंदू देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले वकील को झटका, हाईकोर्ट ने रद्द की जमानत

सोशल मीडिया पर हिंदू देवताओं के अपमान वाली पोस्ट डालने के आरोपी होशियारपुर निवासी एडवोकेट प्रीतपाल सिंह को झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी है।आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए जमानत की मांग की थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील को अंतरिम जमानत देते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
जब मामला दोबारा सुनवाई के लिए पहुंचा तो शिकायतकर्ता हिंदू नेता व पंजाब युवा भाजपा के मीडिया इंचार्ज एडवोकेट अशोक सरीन की तरफ से उनकी वकील गुरशरन कौर ने दलीलें पेश कीं । उन्होंने कहा कि साजिशन हिंदू देवताओं का अपमान कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया जा रहा है।
यह मामला साजिशन धार्मिक भावनाएं भड़का और अराजकता फैलाकर पंजाब की अमन शांति भंग करने का है। उन्होंने कहा कि पंजाब अभी तक बेअदबी मामलों से सुलग रहा है। यदि ऐसे प्रयासों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो स्थिति बेहद विस्फोटक हो सकती है।
गलत तथ्यों पर ली अंतरिम जमानत
इसके साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि याची ने गलत तथ्यों के आधार पर अंतरिम जमानत ली थी। याची का कहना था कि उसने केवल एक पोस्ट शेयर की थी जबकि असल में वह सोशल मीडिया पर अपनी इस पोस्ट का लगातार 8 घंटे तक समर्थन करते हुए दलीलें भी दे रहा था।
शिकायतकर्ता ने कहा कि विदेश मे बैठे अलगाववादी पंजाब मे जातीय भेदभाव पैदा करवाने के लिए प्रीतपाल सिंह जैसे नौजवानों के माध्यम से आपत्तिजनक लिटरेचर सोशल मीडिया पर वायरल करवा रहे हैं। पंजाब की अमन शांति को बरकरार रखने के लिए ऐसे लोगों पर नकेल कसना जरूरी है।
