हिंदू महासभा ने पीएम को खून से लिखे 101 खत

अलीगढ़ । हिंदू महासभा ने पीएम को खून से लिखे 101 खत, देशद्रोहियों का साथ देने वाली फिल्मी हस्तियां एवम इतिहासकारों के गैंग के अवार्ड वापस लिए जाने की मांग की है।
महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- देश को गुमराह करने की हो रही साजिश । मॉब लिंचिंग व जय श्रीराम नारे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को 49 जानी मानी हस्तियों द्वारा लिखे गए खत के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा उतर आया है। रविवार को महासभा के प्रवक्ता अशोक पांडेय की अगुवाई में लोगों ने पीएम मोदी को खून से लिखे101 खत भेजेहैं। इनमे कहा हैकि देश को कुछ लोग गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। महासभा ने टुकड़े-टुकड़े गैंग व फिल्मी हस्तियों पर बैन लगाने की मांग भीकी है।
पत्र में लिखा गया है कि, कुछ फिल्मी हस्तियों द्वारा आपको पत्र लिखा गया कि, मॉब लिंचिंग के नाम पर देश का वातावरण खराब किया जा रहा है। ये वही लोग हैं जो आतंकी के मारे जाने पर मोमबत्ती जलाते हैं व जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाने वालों को समर्थन करते हैं। बलात्कारियों एवं आतंकियों को बचाने के लिए रात में सुप्रीम कोर्ट खुलवाते हैं। ऐसे में इनको मिले अवार्ड वापस लिए जाएं।
महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडे ने कहा कि, हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है कि बड़े दुर्भाग्य की बात है की एक शब्द आज पूरे देश में छाया हुआ है, मॉब लिंचिंग, ये वर्जीनिया, ब्राजील, अमेरिका में चलता था। भारत में इसका नाम कभी नहीं लिया। जबकि भारत में इसकी सबसे ज्यादा पुनरावृत्ति हुई। नोआखाली में सामूहिक हिंदुओं का कत्लेआम हुआ 1947 लाखों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ 1948 में पुणे में पंडितों को मारा गया , 1984 में सिक्खों को घेर घेर कर मारा गया ,1990 में कश्मीरी पंडितों को मारा गया तब कोई मॉब लिंचिंग का नाम लेकर सामने नहीं आया, 1994 में बिहार के गोपालगंज के जिलाधिकारी .ष्णया को भीड़ ने पत्थर मार-मार कर मार दिया । तब यह लोग चुप बैठे थे । देश में कई ऐसी घटनाएं हुई, जब इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया। आज ये मॉब लिंचिंग का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।
कहा कि, देश के भीतर कुछ ऐसी शक्तियां है जो देश को विभाजित करना चाहते हैं। वो ये दिखाना चाहते हैं की देश में दलित और मुस्लिम पर अत्याचार हो रहा है। ये लोग प्रायोजित हैं। ये देशद्रोही हैं। उन लोगों का समर्थन करते हैं जो देश के विरोध में रहते हैं। हमने 101 पत्र लिखे हैं। इनसे अवार्ड वापस लिए जाएं। पश्चिम बंगाल में घटनाओं पर चुप रहते हैं। इन पर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा है ऐसे लोगों पर देशद्रोह की धारा लगाकर कार्रवाई होनी चाहिए उन्होंने कहा कि संविधान और कानून चाहे वह मोब लिंचिंग का ही क्यों ना हो पक्षपात पूर्ण नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष कुंज बिहारी मिश्रा ,उत्तमा शर्मा, जयवीर शर्मा ,प्रशांत उपाध्याय, हरिशंकर शर्मा, राजीव भोला, शुभम अग्रवाल, अवध बिहारी मिश्रा, अमरनाथ पांडे, सौरभ उपाध्याय, पंकज पुरी, अभिषेक गुप्ता, मनोज सैनी ,सचिन सिंघल ,शुभम अग्रवाल, विजय पाराशर, सँजयदीक्षित जी आदि 101 कार्यकर्ताओं ने अपने खून से पत्र लिखे।
