2009 के जहरीली शराब कांड का फैसला 6 जुलाई पर टला

अहमदाबाद | अहमदाबाद के 2009 के जहरीली शराब कांड का फैसला 6 जुलाई तक टल गया है| अगले महीने रथयात्रा को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद के सत्र न्यायालय ने फैसला टाल दिया है| इस मामले में 33 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था| पूर्वी अहमदाबाद के ओढव क्षेत्र में 9 जून 2009 को जहरीली शराब कांड का शुरुआत हुई, जिसमें 123 लोगों की मौत हो गई| जिसके बाद जबकि 200 लोगों को शारीरिक नुकसान हुआ था| मामले की जांच के लिए सरकार ने जस्टिस कमल मेहता के नेतृत्व में जांच आयोग का गठन किया था| मामले की सुनवाई के दौरान 650 जितने गवाहों के बयान लिए गए| दोनों पक्षों की दलीलें भी पूर्ण हो चुकी थीं और आज यानी शुक्रवार को सत्र न्यायधीश डीपी महीडा फैसला सुनाने वाले थे| लेकिन रथयात्रा के चलते 6 जुलाई तक कोर्ट ने फैसला टाल दिया है| इससे पहले 28 मार्च 2019 को शहर के कागडापीठ क्षेत्र में हुए जहरीली शराब कांड में विशेष न्यायालय 10 लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान कर चुका है| विशेष अदालत ने मुख्य सूत्रधारा विनोद डगरी, अरविंद और अन्य 8 महिलाओं को दोषी करार दिया था| कोर्ट ने विनोद डगरी को 10 साल की सजा और 50000 का जुर्माना, अरविंद को 7 साल की सजा और 10000 का जुर्माना किया था| दोषी महिलाओं को छह महीने की सजा और 500 रुपए जुर्माना और सोमी ठाकोर को 2 वर्ष की सजा और 500 रुपए का जुर्माना किया था| इस मामले में 25 आरोपी थे, जिसमें 10 को दोषी और 12 को बरी कर दिया गया था| इस मामले के 3 आरोपी फरार हैं| कागड़ापीठ क्षेत्र के जहरीली शराब कांड में 24 लोगों की मौत हो गई थी|
