-62 डिग्री सेल्सियस में इंसान की हालत क्या होती होगी?

साइबेरिया का गांव ओएमयाकेन, धरती की सबसे ठंडी रिहायशी जगह है. यहां करीब 500 लोग रहते हैं. यह रूस के यकुशिया क्षेत्र में है और इसे धरती पर इंसानों का सबसे ठंडा अड्डा बताया जाता है. हाल ही में इस गांव के थर्मामीटर ने दम तोड़ दिया क्योंकि तापमान रिकॉर्ड तोड़ते हुए -62 डिग्री तक पहुंच गया. वैसे यह थर्मामीटर ओएमयाकेन में पर्यटकों को लुभाने के लिए लगाया गया था. लेकिन इसी हफ्ते यह खराब हो गया. सालों पहले लगा तापमान नापने का यह यंत्र अभी तक -50 डिग्री तक ही पहुंचा था. ऐसे में यह जानना दिलचस्प हो सकता है कि इतने ठंडे माहौल में रहने पर इंसान की हालत क्या होती होगी.
वैसे बर्फ चार स्तर पर जमती है. हल्की बर्फ होती है 0 से -3.5 डिग्री सेल्सियस तक, फिर थोड़ी ज्यादा बर्फ होती है -3.6 से -6.5 डिग्री सेल्सियस तक. इसके बाद बारी आती है खतरनाक ठंड की जिसमें पारा -6.6 से -11.5 डिग्री सेल्सियस तक जाता है. और बहुत ज्यादा बर्फीला मौसम -11.5 डिग्री से ऊपर होता है. अब देखते हैं कि इतने कम तापमान में माहौल कैसा हो जाता है.
-30 to -15 °F तक
इस तापमान में खुले में बाहर रहने पर खून जमने का खतरा रहता है. उबलता पानी सीधे जम जाता है. कहते हैं कि अगर सिक्का हवा में उछालें तो वह आइस क्यूब बनकर लौटता है. आंख की भौंहों पर बर्फ जमने लगती है. यही नहीं, अगर आप स्कार्फ के बगैर निकलेंगे तो मुंह, नाक जम जाते हैं. सलाह दी जाती है कि ऐसे मौसम में बाहर कतई न निकलें. निकलें तो अच्छे से गरम कपड़ों और दस्तानों के साथ गर्म स्कार्फ और टोपी होनी चाहिए.
-39 to -30 °F
आपकी सांसों और मुंह से निकलने वाली भाप भी हवा में बर्फ का रूप ले लेती है. यह तब होता है जब बर्फीला मौसम लंबा खिंचने लगे. ऐसे मौसम में अक्सर हवाई अड्डे और सड़कें काम लायक नहीं रह जातीं.
-40 °F
इस तापमान में आपके फेफड़ों के ट्यूब्स में ठंड पहुंच जाती है. इतनी ठंड में खांसे बगैर सांस लेना मुश्किल हो जाता है. खुले रहने वाले टिश्यू जैसे दांत या आंखों की पुतलियों में दर्द होना शुरू हो जाता है.
ऐसी कड़ाके वाली ठंड में टिके रहने के कुछ ही तरीके हैं जिसमें से घर से बाहर न निकलना सबसे बड़ा उपाय है. लेकिन रोज़मर्रा के काम के लिए बाहर निकलना जरूरी हो जाता है. ऐसे में ऊनी कपड़ों की कई परतें, दस्तानों के ऊपर दस्ताने और सिर पर दो तीन टोपे लगाकर, मुंह ढांककर ही बाहर निकलना बेहतर होता होगा. वैसे जहां ओएमयाकेन के लोग ठंड से कांप रहे थे, वहीं इस गांव के पास एक थर्मल झरने में चीनी पर्यटकों को नहाते हुए देखा गया. यकुशिया की पत्रकार एलेना ने इसका एक वीडियो पोस्ट किया.
एलेना ने अपनी पोस्ट में लिखा 'यह झरना खतरनाक बर्फीले मौसम में भी नहीं जमता. हम लोकल्स इतनी ठंड में बाहर जाने से भी डरते हैं, और यहां पर्यटक नहा रहे हैं'
उम्मीद है इतने कम तापमान के बारे में पढ़कर और देखकर आपको अपने इलाके की ठंड कम लगने लगी होगी.
