वर्ल्ड चैम्प‍ियनश‍िप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे इन्दौर के अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी

इन्दौर । अमेरिका में होने वाली अंतराष्ट्रीय वर्ल्ड चैम्प‍ियनश‍िप में 50 से अधिक देशों के धावकों के बीच चलने बाली सतत् 60 से 70 घंटे की बिग डॉग बैंकयाई अल्ट्रा मैराथन में करीब 400 से 450 कि.मी. दौड़ना होगा और जो अंत तक दौड़ता रहेगा वह दुनिया का विजेता होगा। पाथ इंडिया के अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी अभी महज 20 वर्ष के है और इस स्पर्धा के विश्व के सब से युवा धावक है। जोश से भरे हुए कार्तिक भारत की ओर से कठिन चुनौती पेश करने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। 
वर्ल्ड चैम्प‍ियनश‍िप की तैयारी में कार्तिक जोशी मार्च माह से बहुत ही अलग तरीका अपना दौड़ की तैयारी में लगे हुए है क्योंकि अमेरिका में जब यह स्पर्धा होगी, वहां रात बेहद ठंडी माइनस 2 डिग्री तो दिन में हल्की गर्मी का भी सामना करना पड़ेगा, इसलिए कार्तिक दिन-रात दोनों फॉर्मेट में अभ्यास कर रहे है। कार्तिक एक सप्ताह रात में तो, एक सप्ताह दिन में दौड़ रहे है, वह टेल रन, रोड़ रन व कच्ची जमीन/पगडंडियों पर भी दौड़ का अभ्यास कर रहे है। हर दिन करीब 35 से 40 कि.मी. और एक माह में 1200 कि.मी. दौड़ के अलावा 2 हजार कि.मी. सायकलिंग भी कर रहे हैं। दौड़ की तैयारी घर से महिनों दूर रहकर तो कभी इन्दौर में ही रहकर कर रहे है। 
:: बिना कोच सेल्फ ट्रेनिंग से हांसिल किया यह मुकाम :: 
उल्लेखनीय है कि कार्तिक जोशी बिना किसी कोच के सेल्फ ट्रेनिंग कर 4.5 साल के अपने दौड़ जीवन में सैकड़ों खिताब अपने नाम कर चुके है एवं लगातार दो वर्ष से वर्ल्ड चैम्प‍ियनश‍िप में भी अपनी मेहनत के बल पर चयनित होते आ रहे है। रेगिस्तान की गर्मी से लेकर उत्तराखंड की बर्फ बारियों तक रेकार्ड बना चुके कार्तिक की उम्र महज 20 साल है। इस उम्र में कार्तिक हिंदुस्तान के 15 राज्यों में 112 से अधिक स्पर्धाओं में अपने कदमों की छाप छोड़ चुके है। इन्दौर और प्रदेश में कार्तिक युवाओं के लिए अल्ट्रा रंनिंग में एक नया युग ही ले आए हैं। कार्तिक जोशी हरियाणा में 277 कि.मी., गुरुग्राम 262 कि.मी., हेन्नूर टैम्बू अल्टा मेराथन बेंगलुरु 250 कि.मी., फारेस्ट बेंगलुरु मेराथन 220 कि.मी., इन्दौर से भोपाल 200 कि.मी., अहमदाबाद 117 कि.मी., इन्दौर 141 कि.मी., मध्य भारत की सब से बड़ी मैराथन में 112 और 105 कि.मी., दिल्ली स्टेडियम रन 102 कि.मी., टेल अ फरीद बाद 56 कि.मी. दौड़ कर कोर्स रेकार्ड के साथ अव्वल स्थान पर रहे एवं 6371 मीटर एलिवेसन 100 कि.मी. की बहुत ही चुनौतिपूर्ण भारी बारिश, बर्फबारी जंगली जानवरों, 30 से अधिक बार बर्फ से अधिक ठंडी व्यास नदी के बीच होकर गुजरने वाली स्काय रनिंग दी हेल रेस सोलांग वेली हिमाचल सफलतापूर्वक पूरी कर चुके है और भारत की सब से चुनोतिपूर्ण मेराथनों में गिने जानी वाली मलनाड, एसआरटी अल्ट्रा, खारदुंगला मेराथन भी दौड़ चुके हैं। कार्तिक के कठिन प्रयासः को देखते हुवे पाथ इंडिया फाउंडेशन हर मेराथन स्पॉन्सर करती है। 

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