दिल्ली की जनता टैंकरों से पानी पीने का मजबूर : विजय गोयल

दिल्ली पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल के नेतृत्व में पूर्वी दिल्ली की 22 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने शनिवार को रोहताश नगर इंदिरा प्याऊ से नत्थू कॉलोनी चौक तक आरडब्ल्यूए जल मार्च निकाला। इस दौरान गोयल ने कहा कि पानी का संकट दिल्ली में धीरे-धीरे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। पानी को लेकर तीन शिकायतें हैं। पहली, गर्मी में जनता प्यास से मर रही है और पानी उपलब्ध नहीं है। दूसरी, थोड़ा-बहुत जो पानी आता है, वह गंदा आ रहा है। तीसरी, दिल्ली की जनता टैंकरों से पानी पीने को मजबूर है, जिसकी गुणवत्ता बहुत खराब है।

जल मार्च में यूनाइटेड रेजीडेंट ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ गांधी, मंत्री अमित शर्मा, पूर्व उपमहापौर दिव्य जायसवाल, प्रवेश शर्मा, लोक अभियान के महामंत्री सतपाल भाटिया भी शामिल थे। गोयल ने कहा कि दिल्ली में पानी का संकट और गंदा पानी इसलिए है कि पानी का उत्पादन 935 एमजीडी है, जबकि लोगों तक सरकार 500 एमजीडी पानी पहुंचाती है। विजय गोयल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री समेत आम आदमी पार्टी के नेता गोवा, उत्तराखंड, पंजाब के चुनाव में लगे हैं और दिल्ली को बेसहारा छोड़ दिया है। गोयल ने कहा, इस भीषण गर्मी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट ठीक से काम नहीं करते, इसलिए गंदा पानी लोगों को पीने को मिलता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस टैंकर माफिया के खिलाफ मुख्यमंत्री केजरीवाल बोला करते थे, उसी माफिया के भ्रष्टाचार में खुद आम आदमी पार्टी लिप्त है। दिल्ली में जब कई इलाकों में पाइपलाइन बिछी ही नहीं है तो पानी कैसे पहुंचेगा।

दिल्ली सरकार से 5 सवाल किए

1. जल बोर्ड में अब तक कितना घाटा हो चुका है।

2. पानी का 47 प्रतिशत रिसाव रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है।

3. दिल्ली में पानी के टैंकरों के कितने ठेकेदार हैं और ये पानी कहां से भरते हैं।

4. दिल्ली के कितने भाग में अब तक पानी की पाइपलाइन नहीं डली हैं।

5. यमुना का पानी साफ करने के लिए अब तक कितने करोड़ खर्च हुए हैं।

Leave a Reply