जलाशयों का आवंटन आरक्षित दर पर किया जायेगा

जयपुर । जनजाति उपयोजना क्षेत्र में अवस्थित तथा पंचायती राज विभाग के अधीनस्थ जलाशयों पर स्थानीय जनजाति मछुआरों द्वारा गठित एवं पंजीकृत जनजाति मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से मछली पकडने का रोजगार अब आरक्षित दर पर उपलब्ध हो सकेगा। राज्य सरकार द्वारा राजस्थान मत्स्य नियम, 1958 को संशोधित कर राजस्थान मत्स्य (संशोधन) नियम, 2021 बनाया गया है, जिसके अन्तर्गत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में स्थित जलाशयों को पंजीकृत जनजाति मछुआरा सहकारी समिति को आरक्षित मूल्य पर आवंटित किया जा सकेगा। जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि विश्व जनजाति दिवस पर डूंगरपुर जिले के अन्तर्गत डूंगरपुर पंचायत समिति के 3, दोवडा पंचायत समिति के 2, झौंथरी पंचायत समिति के अधीनस्थ 1 जलाशय एवं बांसवाडा जिले की गढ़ी पंचायत समिति के जलाशय पर गठित पंजीकृत जनजाति मत्स्याखेट सहकारी समिति के सदस्यों को जिला कलक्टर, डूंगरपुर तथा बांसवाडा द्वारा मत्स्याखेट अनुज्ञा पत्र प्रदान किये गये। आयुक्त ने बताया कि अनुज्ञा पत्र प्राप्ति से स्थानीय क्षेत्र में निवासरत जनजाति मत्स्याखेट सहकारी समितियों के सदस्यों को जहां एक ओर रोजगार प्राप्त होगा। वहीं दूसरी ओर अनुज्ञप्ति प्राप्ति हेतु प्रतिस्पर्धा से बचा जा सकेगा।
