दुष्यंत चौटाला ने किया किसानों का सिर फोड़ने को कहने वाले अफसर पर कार्रवाई का वादा

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट की उस टिप्पणी को खारिज कर दिया, जिसने पुलिस से करनाल में प्रदर्शन के दौरान किसानों का सिर फोड़ने के लिए कहा था और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया है।

करनाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2018 बैच के अधिकारी कैमरे में पुलिस से किसानों के सिर फोड़ने के लिए कहते हुए कैद हो गए हैं।

किसानों पर शनिवार को हुए लाठीचार्ज को लेकर मनोहर लाल खट्टर सरकार के खिलाफ बढ़ते विपक्ष के हमले और मजिस्ट्रेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग के बीच उपमुख्यमंत्री एवं जन जनायक जनता पार्टी (जजपा) नेता चौटाला ने रविवार को मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया।

चौटाला ने कहा कि 2018 बैच के आईएएस अधिकारी का वीडियो वायरल हो गया है। एक आईएएस अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को सिखाया जाता है कि ऐसी परिस्थितियों का सामना कैसे करना है और कैसे अपने कार्यों में संतुलन बनाए रखना है, लेकिन उन्होंने जो कहा वह स्पष्ट रूप से उन नैतिक मानकों को पूरा नहीं करता है, जिनकी ऐसे अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से जो भी कार्रवाई उचित समझी जाएगी, सरकार वह करेगी। हालांकि, उपमुख्यमंत्री ने करनाल में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव करने सहित किसानों की हिंसा की भी निंदा की।

चौटाला ने कहा कि क्या आप उस तरह की कार्रवाई का समर्थन करते हैं जो दूसरी तरफ से देखी गई थी? करनाल की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह घटनाओं से दुखी हैं, लेकिन उन्होंने किसान नेताओं के मकसद पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि मैं मीडिया के जरिए पूछना चाहता हूं कि वो 40 नेता कहां हैं। आखिर उनका अंतिम मकसद क्या है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि हरियाणा को प्रदर्शन का केंद्र क्यों बनाया गया है। चौटाला ने जोर देकर कहा कि कृषि कानूनों को लेकर किसानों में कोई असुरक्षा या भय नहीं है, लेकिन कुछ किसान नेता और बिचौलिए आंदोलन को भड़काने के लिए उनके कंधे का इस्तेमाल कर रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि वे हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था को कमजोर करना चाहते हैं, वे इसकी व्यवस्था को तोड़ना चाहते हैं। वे हरियाणा को संकट में डालना चाहते हैं। यह आंदोलन पंजाब, राजस्थान या उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं हो रहा, हरियाणा के लोगों को क्यों भड़काया जा रहा है?

चौटाला ने कहा कि उनका उद्देश्य हरियाणा की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करना है। जजपा नेता ने कहा कि केंद्र कृषि कानूनों में संशोधन के लिए भी तैयार है, लेकिन इसके बावजूद किसान संघ बातचीत के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक बातचीत नहीं होगी, तब तक कोई समाधान नहीं निकल सकता है। चौटाला ने यह भी दावा किया कि यह आंदोलन अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों तक चलेगा।

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