बायोमैट्रिक लॉक से कर सकते हैं Aadhaar की सुरक्षा

नई दिल्ली। आधार की गोपनीयता को लेकर मचे हो हल्ले के बीच एक मार्च से 16 अंकों की वर्चुअल आइडी के जरिये लोग अपने आधार में दर्ज सूचनाओं को गोपनीय बना सकेंगे, लेकिन इसके अतिरिक्त वह बायोमैट्रिक लॉक से भी आधार की सुरक्षा कर सकते हैं।
यह विकल्प पहले से मौजूद है, लेकिन ज्यादातर लोगों को इसका पता नहीं है या फिर इसे इस्तेमाल में नहीं लाया जा रहा। इसके तहत उपयोगकर्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके यूआइडीएआइ की वेबसाइट या एप पर जाकर अपने आधार नंबर तक पहुंच सकते हैं।
एक बार लॉक होने के बाद बायोमैट्रिक पहुंच आधार तक नहीं हो सकेगी। यह कुछ वैसा ही है जैसे ताला बंद करने के बाद कोई आपके घर में प्रवेश नहीं कर सकता।
जरूरत पड़ने पर उपयोगकर्ता फिर से इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल करके खाते को अनलॉक कर सकता है और अपना काम खत्म होने पर फिर से लॉक।
यूआइडीएआइ के सीईओ अजय भूषण पांडेय का कहना है कि इसका उद्देश्य आधार खाते में किसी भी तरह की सेंध को पूरी तरह से खत्म करना है।
बायोमैट्रिक लॉक के साथ वर्चुअल आइडी से खातों तक पहुंच नामुमकिन हो जाएगी। एक जून 2018 से सभी एजेंसियों के लिए यह अनिवार्य हो जाएगा कि वे वर्चुअल आइडी को मान्यता दें।
अभी तक 119 करोड़ लोगों को आधार जारी किए जा चुके हैं। सरकार लगभग हर जगह इसे अनिवार्य बनाती जा रही है।
बैंक खातों को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। कालेधन के खिलाफ लड़ाई में आधार को एक कारगर हथियार माना जा रहा है।
