घूम रही हैं लड़कियां, और सिखा रही हैं घूमना

भारत की लड़कियां दहलीज लांघ रही हैं. बेझिझक और बेलौस. अब वे खूब घूमने लगी हैं, वो भी अकेले. वे अकेली घूमती हैं, लिखती हैं और इनके हजारों फॉलोअर्स हैं जो इनसे प्रेरणा भी पाते हैं.फिरोजाबाद की रहने वाली कायनात काज़ी वैसे तो शिक्षिका हैं, लेकिन अब वह पूर्णकालिक यायावर हो गई हैं. लगभग छह साल पहले उन्होंने जोधपुर की अपनी पहली एकल यात्रा की थी. उससे पहले वह समूह में यात्रा कर चुकी थीं. बीते चार साल में कायनात भारत में दो लख किलोमीटर की यात्रा कर चुकी हैं जिसके जरिए उन्होंने एक लाख तस्वीरों का संग्रह किया है. कायनात बताती हैं कि जब पहली बार एकल यात्रा करके लौटते हैं तो बोर्ड परीक्षा में पास होने जैसे प्रसन्नता होती है. कायनात ने पूरा भारत लगभग देख, घूम और जी लिया है. आज वह फोटोग्राफर, ट्रैवल राइटर और ब्लॉगर हैं. हालांकि खुद को आज भी वह सोलो फीमेल ट्रैवलर कहती हैं. यायावरी के लिए उन्हें ढेरों पुरस्कार मिल चुके हैं. हाल ही में उन्हें पर्यटन रत्न सम्मान से नवाजा गया है.

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