हंगामे के बीच पेश हुआ बजट, जानिए-आपके लिए क्या है खास

रांची । झारखंड विधानसभा में आज रघुवर दास ने बतौर मुख्यमंत्री चौथी बार वित्तीय वर्ष 2018-19 का 80 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। रघुवर इससे पहले तीन बार झारखंड का बजट पेश कर चुके हैं।दूसरी ओर, काला बुर्का पहन कर झामुमो विधायक सदन पहुंचे। इसके चलते स्पीकर ने दो विधायकों को आज के लिए निलंबित कर दिया। इसके विरोध में विपक्ष ने वाकआउट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार स्कैम झारखंड को स्किल झारखंड बनाने के लिए कृतसंकल्पित है। युवाओं को शिक्षा के साथ स्किल डेवलपमेंट पर फोकस कर उन्हें रोजगार मुहैया कराना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने गत वर्ष 75 हजार 673 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।
विधानसभा में विपक्ष ने किया हंगामा
इधर, विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा किया। विधानसभा में नारे लगाए। सदन में विरोध के स्वरूप पर चिंता जताई गई। काला नकाब पहनने वाले सदस्यों को निलंबित करने को कहा गया। सरयू राय ने कहा कि जिन सदस्यों ने सदन की गरिमा गिराई उन्हें निलंबित किया जाए।
झामुमो विधायकों के सदन में काला नकाब पहनने पर जमकर बवाल हुआ। स्पीकर ने झामुमो के सदस्य आज के लिए निलंबित कर सदन से बाहर जाने का आदेश दिया है। इस बीच, झाविमो विधायक प्रदीप यादव बाहर निकल आए। हेमंत सोरेन और साइमन के अलावा झामुमो के अन्य विधायक निलंबित कर दिए गए हैं। सबने काला नकाब पहना था। नकाब पहन सदन में आने वाले विधायक सस्पेंड कर दिए गए हैं। आज के लिए कार्यवाही से निलंबित कर दिया है।
सीएम ने बजट पेश करने से पूर्व इसकी प्रति राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को सौंपी। इसके बाद सीएम ने विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन को भी बजट की प्रति दी। इससे पहले सुबह सीएम रघुवर ने कचहरी चौक स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
बजट की प्रमुख बातें/लक्ष्य
1. ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आमदनी को दोगुना करना।
2. युवाओं को रोजगार/स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराना।
3. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं वंचितों के लिए योजनाओं पर फोकस।
4. महिला सशक्तिकरण।
5. पिछले जिलों का विकास।
जानिए, बजट की खास बातें
-गोड्डा में खुलेगा कृषि विश्वविद्यालय
-सभी यूनिवर्सिटी में स्टार्टअप कोषांग की स्थापना होगी।
-जिला मुख्यालयों के कम से कम एक कॉलेजों में पीजी की होगी पढ़ाई।
-सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 22689.70 करोड़, सामाजिक प्रक्षेत्र के लिए 26,972.30 करोड़ और आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए 30538 करोड़ का बजटीय उपबंध।
– देवघर, रांची, सिमडेगा एवं निकटवर्त्ती क्षेत्रों में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए नई परियोजनाएं चलाए जाने का भी बजट में प्रस्ताव है।
-राज्य को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए अगले वित्तीय वर्ष से सभी विधायकों के सहयोग से गिफ्ट मिल्क स्कीम को राज्य में चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ किए जाने का प्रस्ताव है, जिसके तहत कुपोषण से पीड़ित बच्चों को मुफ्त में दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
-विधायक अपनी निधि से स्ट्रीट लाइट का अधिष्ठापन करवा सकेंगे।
-ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों विशेषकर, बच्चों के लिए पंचायत स्तर पर चरणबद्ध तरीके से छोटे-छोटे पार्कों का निर्माण कराया जाएगा।
-ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रक्षेत्र के लिए सर्वाधिक 11,771.16 करोड़ प्रस्तावित।
-शिक्षा के लिए 11,181.49 करोड़ और कृषि एवं जल संसाधन के लिए 6421.64 करोड़ का बजटीय उपबंध।
-स्वास्थ्य के लिए 3826.07 और नगर विकास एवं पेयजल के लिए के लिए 5357.70 करोड़ का उपबंध
-पिछले तीन वर्षों में एक लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में और 50 हजार सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को बजट की प्रति सौंपते सीएम रघुवर दास।
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन को बजट की प्रति देते सीएम रघुवर।
गत वर्ष भी राज्य सरकार ने 23 जनवरी को ही बजट पेश किया था। बजट को लेकर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के सभी प्रमंडलों में बजट विमर्श संगोष्ठी का आयोजन कर आम लोगों की राय ली थी। इनमें सरकार को आठ सौ से अधिक सुझाव प्राप्त हुए थे।
