चारा घोटाला: लालू, जगन्नाथ मिश्र समेत 56 आरोपियों पर फैसला आज

रांची। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, डॉ जगन्नाथ मिश्र समेत 56 आरोपियों पर चारा घोटाले के एक और मामले में बुधवार को फैसला आएगा। रांची के सीबीआई जज एसएस प्रसाद की अदालत  फैसला सुनाएगी। यह मामला (आरसी 68 ए /96) चाईबासा कोषागार से 33 करोड़ 67 लाख 534 रुपए की अवैध निकासी से संबंधित है। फैसले के दिन सभी आरोपियों को अदालत ने हाजिर होने का निर्देश दिया है। 


21 साल पुराने इस मामले में सीबीआई ने 76 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। ट्रायल के दौरान 14 की मौत हो गई। तीन को सरकारी गवाह बनाया गया और एक ने निर्णय से पूर्व दोष स्वीकार कर लिया। सीबीआई ने इस मामले में चाईबासा कोषागार से फर्जी बिल बना कर राशि की निकासी करने का आरोप लगाया है। आपूर्तिकर्ताओं पर बिना सामान के आपूर्ति किए बिल देने और विभाग के अधिकारियों पर बिना जांच किए उसे पास करने का आरोप है। लालू प्रसाद पर गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद भी इस पर रोक नहीं लगाने का आरोप है। डॉ जगन्नाथ मिश्र पर पशुपालन विभाग के उन अधिकारियों को सेवा विस्तार की सिफारिश करने का आरोप है, जो इस घोटाले में शामिल थे।  

इनका होगा फैसला

 

राजनीतिज्ञ – लालू प्रसाद, डॉ जगन्नाथ मिश्र, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ.आरके राणा, बिहार के पूर्व पशुपालन मंत्री विद्या सागर निषाद व पूर्व पीएसी अध्यक्ष ध्रुव भगत।

आईएएस अधिकारी – पूर्व पशुपालन सचिव महेश प्रसाद,  पूर्व वित्त आयुक्त फूल चंद्र सिंह एवं तत्कालीन डीसी सजल चक्रवर्ती।

पशुपालन अधिकारी – डॉ केएन झा, डॉ केएम प्रसाद, डॉ बीएन शर्मा, डॉ राम प्रकाश राम, डॉ एमके श्रीवास्तव व डॉ अर्जुन शर्मा। 

कोषागार पदाधिकारी – सिलास तिर्की 

आपूर्तिकर्ता – मो सईद, मो हुसैन, मो इकराम, त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, सुशील कुमार, सुरेश दुबे, सत्येंद्र कुमार मेहरा, उमेश दुबे, विजय कुमार मल्लिक, महेंद्र  कुमार कुंदन, राजेश मेहरा, जगमोहन लाल कक्कड़, संजय सिन्हा, रवि कुमार सिन्हा, मो जलीद, दयानंद कश्यप, राम नंदन सिंह, श्रीनाथ सिंह, शरद कुमार, निर्मला प्रसाद, अनिता प्रसाद, सिद्धार्थ , ज्योति कुमार झा, रामावतार शर्मा, बिजेश्वरी प्रसाद सिन्हा, समीर वालिया, प्रकाश कुमार लाल, देवेंद्र  कुमार राय, चंचला सिन्हा, सुभाशीष  दास, एस राणा, विमला शर्मा, रवि सिन्हा, सीमा कुमार, अजीत कुमार वर्मा, मोहिन्दर सिंह वेदी, मधु मेहता, हरीश कुमार, विमल कुमार अग्रवाल एवं सुनील कुमार सिन्हा। 

सुनवाई के दौरान जिनकी हो गयी मौत 

 

चंद्रदेव प्रसाद कुमार, भोला राम तूफानी, डॉ. राम राज राम, के अरुमुगम, डॉ. श्याम बिहार सिन्हा, बीबी प्रसाद, डॉ. पांडेय सीपी शर्मा, डॉ दुबराज दोरई, डॉ जीपी त्रिपाठी, चन्द्रशेखर दुबे, डॉ रंजीत कुमार मिश्रा, एसएन सिन्हा, शकुंतला सिन्हा व राजो सिंह। 


जो सरकारी गवाह बने

दीपेश चांडक, आरके दास व शैलेश प्रसाद सिंह। 


एक नजर आरसी 68ए/96 पर  

एफआईआर- 27/01/96 

सीबीआई एफआईआर- 27/03/96

घोटाला- 33.67 करोड़ रुपए

कोषागार-चाईबासा 

निकासी वर्ष – 1992-93

स्पेशल पीपी- बीएमपी सिंह 

आरोप पत्र – 12/12/2001

धारा- आईपीसी 420, 120बी सहपठित 409, 420, 467, 468, 471 व 477ए एवं पीसी एक्ट 13(2) सहपठित 13(1)(इ)

आरोपियों की संख्या- 76

सुनवाई के दौरान मृत्यु- 14

सरकारी गवाह बने- 3

निर्णय पूर्व दोष स्वीकार – 2

ट्रायल फेस आरोपी- 56

आरोप तय- 25/04/2005

313 का बयान- जुलाई 2014

अभियोजन गवाही- 203

बचाव पक्ष की गवाही- 23(इसमें 17 लालू के गवाह)   

लालू सेजुड़े तीसरे मामले में आएगा फैसला

 

चारा घोटाले में पांच मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें दो पर फैसला आ गया है। लालू प्रसाद दोनों मामले में दोषी करार दिए गए हैं। जबकि जगन्नाथ मिश्र चाईबासा में दोषी और देवघर मामले से बरी हो गए हैं। चाईबासा कोषागार से जुड़े तीसरे मामले में बुधवार को फैसला आएगा। 

 

लालू एवं अन्य पर चारा घोटाले के कुल मामले

आरसी 20ए/96- चाईबासा कोषागार- 37.70 करोड़ 

आरसी 38ए/96- दुमका कोषागार- 3.31 करोड़ 

आरसी 64ए/96- देवघर कोषागार-84.54 लाख 

आरसी 68ए/96- चाईबासा कोषागार- 33.61 करोड़

आरसी 47ए/96- डोरंडा कोषागार-139.39 करोड़


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