कामाक्षी शर्मा को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन ने किया सम्मानित

 साइबर विशेषज्ञ कामाक्षी शर्मा ने पूरे विश्व में गाजियाबाद का नाम फिर से रोशन किया है। साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ने, छानबीन और 5000 से अधिक साइबर क्राइम के मामलों को हल करने के शानदार रिकॉर्ड पर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन ने कामाक्षी को सम्मानित किया है।
सम्मान मिलते ही कामाक्षी साइबर अपराध के खिलाफ लड़ने के मामले में विश्व में पहले पाएदान पर पहुंच गई हैं। इंदौर में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन के समारोह में कामाक्षी को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, बॉलीवुड गायक उदित नारायण व समीर रंजन ने अवार्ड से नवाजा।

50 हजार पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी नाम पर
साइबर अपराध के लिए लोगों को जागरूक करने और 50 हजार पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने का वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड कामाक्षी शर्मा के नाम पहले से ही दर्ज है। उन्होंने साल 2019 में जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एक माह तक चलाए गए अभियान में बड़ी संख्या में आईपीएस अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया।
देश के साथ विदेशों में चलते हैं प्रशिक्षण कार्यक्रम:
पुराने पंचवटी कॉलोनी की रहने वाली कामाक्षी शर्मा ने 12वीं तक की पढ़ाई गाजियाबाद और फिर बीटेक कंप्यूटर साइंस की डिग्री 2017 में गढ़वाल विश्वविद्यालय से हासिल की। साइबर क्राइम के विषय की विशेषज्ञ कामाक्षी को देश में होने वाले साइबर अपराधों को हल करने के लिए तमाम राज्यों की पुलिस बुलाती रहती हैं। उनके पिता रघु शर्मा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं तो मां ममता शर्मा गृहिणी हैं।
साइबर अपराध व अपराधियों के खिलाफ मिशन रहेगा जारी
विश्व में साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई, जांच और मामलों को हल करने में विश्व में पहला स्थान पाकर बहुत खुश हूं। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन के पुरस्कार से उनकी साइबर अपराध और अपराधियों के खिलाफ लड़ने का मिशन और गति पकड़ेगा।

 

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