सिद्धू के इस्तीफे पर भाजपा का तंज, छात्र” के आने से पहले गुरु चला गया

नई दिल्ली । कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे और चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद ऐसा लग रहा था कि पंजाब में कांग्रेस का विवाद खत्म हो गया है। लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है।अचानक मंगलवार को नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से एक बार फिर से पंजाब में कांग्रेस की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।इस बीच भाजपा ने कांग्रेस पर तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सिद्धू के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद ट्वीट कर कहा कि वह दो आए नहीं… एक चला गया… छा गए गुरु। इसके अलावा उन्होंने लिखा कि छात्र” के आने से पहले गुरु चला गया।
अपने ट्वीट में जिस दो के आने की बात पात्रा कर रहे हैं, वह दरअसल कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी है जिन्हें आज ही कांग्रेस में शामिल कराया जाना है। इसके लिए दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम भी रखा गया है, वही एक चला गया मतलब सिद्धू का इस्तीफा है। कहीं ना कहीं पंजाब में विपक्ष को कांग्रेस पर तंज कसने का सिद्धू ने बड़ा मौका दे दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिद्धू ने कहा है कि वह पार्टी की सेवा करना जारी रखने वाले है। सिद्धू ने इसी साल जुलाई में पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष का पद संभाला था।
अब तक यह पता नहीं सका है, कि सिद्धू को किस कारण पंजाब कांग्रेस प्रमुख का पद छोड़ना पड़ा है। वहीं अमरिंदर लगातार सिद्धू पर हमलावर हैं। इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह ने सिद्धू पर तेज हमला कर उन्हें ‘राष्ट्र विरोधी, खतरनाक तथा पूरी तरह विपत्ति’ करार दिया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह सिद्धू को अगले मुख्यमंत्री के रूप में या आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के चेहरे के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।
